रंडी माँ और चालाक बेटी


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प्रेषक : मनीष …

हैल्लो दोस्तों, एक दिन मैंने संगीता को सिर्फ़ ऊपर का मज़ा देकर ये कह दिया था कि कल जब में तुम्हारी मम्मी को चोदूंगा, तो तब तुम अपनी आँखों से पहले देख लेना कि तुम्हारी मम्मी कैसे चुदवाती है? और उसको कितना मज़ा आता है? तो इस तरह तुम कुछ सीख भी जाओगी और तुम्हारी शर्म भी दूर हो जाएंगी। वैसे मेरी हरकतों से वो पूरी तरह से खुल गयी थी और चुदासी भी हो गयी थी, लेकिन अब आंटी के आने का वक़्त हो चुका था इसलिए में उसको नहीं चोदने की कह रहा था और आंटी की इजाज़त के बगैर उसको चोदना भी नहीं चाहता था, क्योंकि आप सबको तो पता ही है की मुझे ज़्यादा उम्र वाली औरतों को चोदने में मज़ा आता है। लेकिन संगीता इतनी खूबसुरत थी कि में उसे चोदने को उतावला हो गया था।

खैर फिर दूसरे दिन जब में आंटी के घर गया, तो वो पिंक नाइटी में खुले बालों के साथ क़यामत ढा रही थी। अब मैंने दिल ही दिल में सोच लिया था कि में आज इसको चोदते वक़्त इसकी लड़की के बारे में भी बात कर लूँगा और फिर में बाथरूम करने के बहाने से संगीता के रूम में घुस गया और उसकी चूची को दबाते हुए कहा कि देखो में तुम्हारी मम्मी को चोदने जा रहा हूँ, तुम लाईव ब्लू फिल्म देखने को तैयार रहना और वापस आंटी के रूम में आ गया और अपने कपड़े खोलकर नंगा हो गया। तो आंटी भी अपनी नाइटी उतारकर सिर्फ़ पेंटी और ब्रा में बैठी थी। अब में भी पूरी तरह से नंगा होकर बिना किसी शर्म के उसके बगल में बैठ गया और फिर वो मेरे मुरझाए हुए लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी और मेरा हाथ पकड़कर अपनी बड़ी-बड़ी बलदार जैसी चूचीयों पर रख दिया। तो में उसकी चूचीयों को आहिस्ता-आहिस्ता सहलाने लगा। फिर मैंने हल्के से खिड़की की तरफ देखा तो संगीता अंदर देख रही थी, तो तब मैंने उसे आँख मारी। फिर मैंने आंटी की बड़ी-बड़ी चूचीयों को दबाते हुए कहा कि आंटी जी आपका संगीता के बारे में क्या ख्याल है? तो उन्होंने कहा कि क्या मतलब? में कुछ समझी नहीं?

तो मैंने कहा कि अब वो भी 18 साल की हो गयी है और मुझे उसके इरादे अच्छे नहीं लगते, आप तो जानती ही है आजकल का माहौल कैसा है? कही ऐसा ना हो वो बाहर किसी लड़के से चक्कर चला ले।  तो तब आंटी ने गुस्सा होते हुए कहा कि क्या मतलब है तुम्हारा? तुमने मेरी बच्ची को क्या समझ रखा है? अब तो मेरी गांड ही फट गयी थी। फिर मैंने सोचा कि क्या बहाना लिया जाए? तो मैंने बेकार का बहाना सोच लिया, अब कहीं ऐसा ना हो ये गांड पर ठोकर मारकर भगा दे और में लड़की चोदने के चक्कर में माँ से भी हाथ धो बैठू, तो मैंने बात को संभालते हुए कहा कि ऐसी बात नहीं है आंटी, में तो आपको बताना चाह रहा था कि आजकल का जमाना बड़ा खराब है। तो तब आंटी ने मुस्कराते हुए कहा कि मेरे चोदूं राजा में तो मज़ाक कर रही थी, मुझे क्या जमाने के बारे में बता रहे हो? अरे में तो खुद पता नहीं कितने लंड अपनी चूत में डलवा चुकी हूँ? मुझे पता है अब संगीता जवान हो गयी है और उसकी भी चूत में खलबली मचती होगी और ये हो भी सकता है कही उसका भी चक्कर चला हो, आजकल सब कुछ चलता है।

तो उनकी बात सुनकर मेरी जान में जान आई और फिर मैंने उसे एक जोरदार किस करते हुए कहा कि ऊऊऊऊऊहूऊऊऊऊओ मेरी रंडी तुने तो मुझे डरा ही दिया था, मेरी तो गांड ही फट गयी थी। अब में एक बात और कहना चाहता हूँ। तो उसने कहा कि में जानती हूँ अब तुम क्या कहना चाहते हो? इतने दिनों से तुम्हारे लंड के धक्के खा रही हूँ, अब तो में तुम्हारी रग-रग से वाक़िफ़ हो चुकी हूँ, तुम यही कहना चाह रहे होना कि अब संगीता जवान हो चुकी है उसे एक लंड की जरूरत है और उसकी ज़रूरत तुम पूरी कर सकते हो, है ना?  तो मैंने डरते-डरते कहा कि हाँ में यही कहना चाह रहा था, लेकिन डर रहा था।  तो तब उसने कहा कि असल में कई दिन से में भी यही बात तुमसे कहना चाह रही थी, लेकिन अच्छा हुआ तुमने ही कह दिया, में अपनी फूल सी संगीता को तुमसे चुदवाने को तैयार हूँ और मुझे ख़ुशी भी हुई की तुमने ये शुभ काम मुझसे पूछकर करना चाहा, वरना तुम बहुत चुदक्कड भी तो हो, तुम जानते हो किसी भी औरत को कैसे काबू में किया जाता है? फिर बेचारी संगीता तो अभी बच्ची है।

अब उधर संगीता खिड़की से सब बातें सुन रही थी और उसके चेहरे पर मुस्कान फैलती जा रही थी। तो तब ही आंटी ने कहा कि अब बातें बहुत चोद ली, अब कुछ करोंगे भी या नहीं। तो मैंने तुरंत ही उसको वही बेड पर लेटा दिया और उसकी चूची को अपने मुँह में भरकर चूसने लगा और अपना लंड उसकी चूत से टच करके रगड़ने लगा और उससे कहा कि आंटी आपकी झाँटे आजकल बहुत बड़ी हो गयी है, कब से नहीं बनाई? तो आंटी ने कहा कि बेटा आजकल वक़्त ही नहीं मिल पाता है, बनाऊँगी बेटा। तो मैंने कहा कि आंटी आप तो जानती है की मुझे चूत चूसना कितना पसंद है? लेकिन अब आपने झाँटे उगा रखी है।  तो आंटी ने कहा कि बेटा बोला तो कल बना लूँगी, चलो अब तुम मेरी चूची छोड़कर अपना पसंदीदा काम करो, चाटो मेरी चूत को।

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अब में तो चूत चाटने का पुराना शौकीन था तो में तुरंत आंटी की फैली हुई चूत उसकी चूत के नीचे 2 तकिये लगाकर अपने मुँह के सामने लाया और अपनी जीभ से उसकी बालों भरी चूत पर फैरने लगा और फिर गप से अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर घुसेड दी और अपने दोनों हाथ उसकी गांड के नीचे ले जाकर ऊपर की तरफ उठाकर अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा। अब जब वो पूरी तरह से चुदासी हो गयी, तो तब मैंने अपना दाव खेला और एक तरफ पलटकर लेट गया। तो तब आंटी ने कहा कि हाय राजा क्या हुआ? तुमने चूत चाटना क्यों छोड़ दिया? अब तो मेरी चूत रस टपकाने वाली है और तुम हो की अलग होकर लेट गये, आख़िर क्या हुआ? तो तब मैंने कहा कि आंटी मन नहीं कर रहा। तो आंटी ने कहा कि मन को मारो गोली सही-सही बताओं क्या बात है? तो तब मैंने कहा कि आंटी अगर आप बुरा ना माने तो एक बात कहूँ? तो आंटी ने कहा कि अरे मेरे चोदूं जब में तेरे सामने अपनी चूत फैलाए लेटी हूँ, तो भला अब बुरा किस बात का मानूँगी? चल बता क्या बात है?

मैंने कहा कि आंटी क्यों ना आज तुम्हारी बेटी को भी तुम्हारे साथ ही चोद डालूं? तो कैसा रहेगा? तो आंटी एकदम से सकपका कर बोली कि हाय राम कितने बदतमीज़ हो तुम एक माँ से उसके सामने ही उसकी बेटी को चोदने को कह रहे हो। तो मैंने कहा कि तो, तो आंटी ने कहा कि में उसकी सील तुम्ही से तुड़वाऊँगी, लेकिन अब तुम मेरे सामने ही उसे चोदने को कह रहे हो, तो भला ऐसा कैसे हो सकता है? तो मैंने कहा कि संगीता को राज़ी करना मेरा काम है। तो तब आंटी ने कहा कि चलो अगर वो राज़ी हो जाती है, तो मेरा क्या जायेगा? अब आज तो मुझे चोदो और मेरी टपकती हुई चूत के रस को पी जाओ। अब आंटी के राज़ी होने पर में बहुत खुश हो गया था और उससे बोला कि में अभी पेशाब करके आता हूँ, तुम अपनी भोसड़ी ऐसे ही फैलाए लेटी रहना और फिर खिड़की पर आकर संगीता से कहा कि अब तुम बेफ़िक्र हो जाओ, कल तुमको भी तेरी माँ के बेड पर लेटाकर उसके हाथ से तेरी चूत फैलवाकर अपना लंड पेलूँगा, तब तुझे जन्नत का मज़ा आएंगा, अभी तो तुम फिलहाल अपनी माँ की चुदाई देखकर अपनी चूत में उंगली ही डालकर खल्लास हो जाना।

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फिर मूतकर आने के बाद मैंने पहले आंटी की चूत चाटी और अपना लंड उसके मुँह में डालकर खड़ा करवाया और जब मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया। तो तब मैंने आंटी से कहा कि आज तुझे झूला आसन से चोदता हूँ, तुझको बहुत मज़ा आएगा मेरी रंडी, चलो अब बेड से उतरो। तो आंटी की गांड फट गयी और बोली कि नहीं राजा उस आसन में मुझे बहुत दर्द होता है, उस आसन में चुदवाने से तभी मज़ा आता है जब लंड पतला या छोटा हो, लेकिन तुम्हारा लंड भी तो साला पूरा मूसल है और तुम चुदाई भी बहुत बेरहमी से करते हो, तुम सीधे-साधे आसन से चोद लो। तो मैंने कहा कि भोसड़ी वाली अब नाटक कर रही है, चल जैसा कह रहा हूँ कर, नहीं तो आज तेरी गांड भी फाड़ डालूँगा।

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फिर तब वो बोली कि बहनचोद तू मानेगा थोड़ी अपने मन की ही करेगा, भले ही मेरी गांड फट जाए, चल साले भड़वे तू भी क्या याद रखेगा? आज देखती हूँ तेरे लंड में कितना दम है? और फिर में जमीन पर खड़ा हो गया। अब मेरा लंड छत की तरफ तनकर खड़ा था और आंटी अपने दोनों पैर मेरी कमर के दोनों तरफ फैलाकर मेरे लंड पर बैठ गयी थी और अपने चूतड़ को सेंटर में लाकर एक उछाल मारी। तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत की गुफा में समा गया और फिर आंटी अपने चूतड़ को ऊपर नीचे करने लगी। अब में भी उसी पोज़िशन में खड़ा था, अब आंटी ही धक्के लगा रही थी और खिड़की से संगीता अपनी माँ को चुदते हुए देख रही थी। अब उसकी भी हालत खराब हो रही थी और कुछ ही देर में आंटी थक गयी तो मुझसे बोली कि साले मादरचोद तू भी तो मेहनत कर खड़ा हुआ है, खाली में ही धक्के लगा रही हूँ। तो मैंने कहा कि साली, रंडी, चूत मरानी, अभी तेरी गांड फाड़ता हूँ और ये कहकर मैंने उसी पोजिशन में आंटी को लिए-लिए धड़ाम से बेड पर गिर गया। अब आंटी की पीठ बेड की तरफ थी और जब में गिरा, तो उनकी चीख निकल गयी हआाआआययययययययी, हाअययययी, आआआाअ, माआआर डाला, साले कमीने बहुत हरामी है तू, साले अपनी माँ को भी ऐसे ही बेदर्दी से चोदता है क्या? आआआअ, मादरचोद, भड़वे, आआआहह, मार डाला भोसड़ी वाले, बहुत जल्लाद है तू, पता नहीं मेरी फूल सी बच्ची की क्या हालत बनाएंगा? में कह देती हूँ अगर तुने ज़रा सा भी हरामीपन दिखाया तो गांड पर लात मारकर भगा दूँगी।

अब में समझ रहा था की बेड पर गिरने से आंटी की भोसड़ी तक मेरा मूसल लंड घुस गया है, तो इससे उसको बहुत तकलीफ़ हो रही थी और उसकी आँख से आँसू भी निकल रहे थे। अब वो अयाया, आआहह, इसस्स्स्स्सस्सस्स, इसस्स्स्स्सस्स्सस्स, आअहह करके कराह रही थी और बाहर संगीता की ये सीन देखकर ही गांड फटी जा रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद ही आंटी नॉर्मल हो गयी और अब पूरी तरह चुदाई के रंग में आ चुकी थी और अपनी गांड उठा-उठाकर धक्के मार रही थी और में भी दनादन आंटी को चोदे जा रहा था। अब तो वो मज़े की सिसकारी निकाल रही थी हाईईई, इसस्स्स्स्सस्स, आययययी राजा मज़ा आ रहा है और ज़ोर से धक्के मारो, प्लीज जल्दी-जल्दी ताक़त से धक्के मारो और फिर थोड़ी ही देर में में झड़ गया और दूसरे दिन आंटी से ही संगीता की नन्ही सी चूत को फैलाकर उसमें अपना मोटा लंड पेलकर उसकी दमदार चुदाई की ।।

धन्यवाद …

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