नीलम रांड ने चुदवाई मेरी गांड


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प्रेषक : फराह …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम फराह है। में जयपुर की रहने वाली हूँ और मेरी उम्र 27 साल है। दोस्तों में आज पहली बार आप सभी के सामने कामुकता डॉट कॉम पर अपने जीवन की एक सच्ची घटना सुनाने जा रही हूँ। मुझे पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़ने का शौक लगा और ऐसा करने में मुझे धीरे धीरे बहुत मज़ा आने लगा। फिर एक दिन मेरे मन में भी अपने साथ हुई उस घटना को लिखकर आप सभी तक पहुँचाने के बारे में विचार आया और मैंने इसको लिखकर आपकी सेवा में हाजिर किया है। दोस्तों यह उस समय की घटना है, जब मेरी उम्र 19 साल थी और में अपने उस जीवन को बहुत खुशी से बिता रही थी। में कॉलेज के दूसरे साल की अपनी पढ़ाई कर रही थी।

दोस्तों उन दिनों मेरे साथ एक ऐसी समस्या थी, जिसको में किसी को बता नहीं सकती थी, क्योंकि मेरे साथ पढ़ने वाली लड़कियों की अपेक्षा मेरे बूब्स कूल्हों का आकार बहुत छोटा होने की वजह से दिखने में बड़ा अजीब लगता था और हर कोई मेरा मजाक बनाता था, जिसके मन में जो आए वो मुझे कह देता और में अपनी इस समस्या से बड़ी दुखी हो चुकी थी। मेरे साथ वाली लड़कियों के बूब्स, कूल्हे आकार में बहुत बड़े सुंदर थे। फिर किसी तरह मेरे मन की इस बात समस्या के बारे में मेरी एक इंग्लीश की मेडम जिनका नाम मिस नीलम था उनको पता चला, लेकिन फिर भी वो मुझसे एकदम अचानक से बोल पड़ी कि फराह क्या बात है, तुम दिखने में इतनी उदास क्यों रहने लगी हो, क्यों क्या बात है? मैंने उनसे कहा कि मेडम कुछ नहीं, कोई ख़ास बात नहीं है। अब वो मेरी तरफ देखकर हंसते हुए मुझसे कहने लगी कि मुझे पता है कि तुम अपने बूब्स शरीर के आकार की वजह से दुखी हो, क्यों हो ना तुम इनके लिए परेशान? दोस्तों में उनके मुहं से यह बात सुनकर एकदम हैरान रह गई और मैंने उनको कहा कि नहीं, लेकिन फिर मैंने कुछ बात सोचकर हाँ में अपने सर को हिला दिया।

फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम कल मुझे छुट्टी के बाद इधर ही मिलना और फिर में अपने घर आकर पूरा दिन इस बारे में सोचती रही। फिर दूसरे दिन छुट्टी के बाद में उसी जगह पहुंच गई और करीब पांच मिनट के बाद मिस नीलू आ गई। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि आओ मेरे साथ और वो मुझे अपने घर ले गई। फिर हम दोनों उनके बेडरूम में जाकर बैठ गए। अब मेडम मुझसे इधर उधर की बातें करने लगी थी और कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे कहा कि फराह मुझे तुम ज़रा अपने बूब्स मुझे दिखाओ, क्योंकि मेरे पास इनका एक इलाज है। दोस्तों में उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत घबराने के साथ साथ शरमा भी गई, तब उन्होंने मुझसे कहा कि तुम बिल्कुल भी मत घबराओ, इस पूरे घर में हम दोनों के अलावा और कोई भी नहीं है और वैसे भी इलाज में कैसी शर्म? मुझसे यह बात कहकर उन्होंने आगे बढ़कर मेरी शर्ट के बटन खोल दिये, जिसकी वजह से मुझे बहुत शर्म आ रही थी।

फिर धीरे धीरे मेरे बूब्स को उन्होंने दबाने शुरू कर दिये, जिसकी वजह से कुछ देर बाद मुझे मज़ा आने लगा और अब नीलम ने मुझसे कहा कि फराह अब तुम मेरे भी कपड़े उतार दो। फिर मैंने उनसे कहा कि मेडम मुझे शर्म आती है। फिर नीलम ने खुद ही अपने कपड़े उतार दिये, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी। तभी मैंने शर्म की वजह से अपनी आखों को नीचे कर लिया और अब नीलम ने मेरी भी सलवार को उतार दिया। में अब अपनी उस मेडम नीलम के बूब्स और कूल्हों को देखकर एकदम हैरान हो रही थी, वाह क्या मस्त बड़े बड़े और एकदम गोलमटोल बूब्स और उनके कूल्हे थे। फिर नीलम ने मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और साथ साथ एक हाथ से वो मेरी जांघ और चूत को भी सहलाने लगी। में तो मज़े मस्ती की वजह से मर रही थी। अब नीलम ने मेरे होंठो को अपने बूब्स पर रख दिये और मुझसे कहा कि मेरी प्यारी कुँवारी फराह जान अब तुम इनका दूध पियो और फिर में बूब्स के निप्पल को अपने मुहं में भरकर उनका दूध पीने लगी। अब हम दोनों बेड पर लेटे हुए थे और में उनके बूब्स को बड़े मज़े लेकर चूस रही थी। तभी अचानक से नीलम ने अपनी एक उंगली को मेरी चूत के छेद में डाल दिया, जिसकी वजह से मुझे दर्द हुआ में हिलने लगी।

फिर वो मुझे समझाते हुए शांत करके कहने लगी कि कुछ नहीं होता, तुम अभी देखना तुम्हे कितना मज़ा आएगा? और अब वो मुझसे यह बात कहकर धीरे धीरे अपनी उंगली को मेरी चूत के अंदर बाहर करने लगी, जिसकी वजह से मेरे पूरे बदन में तो आग लगने लगी और करंट दौड़ने लगा, जिसकी वजह से में पागल होने लगी थी, लेकिन कुछ देर बाद मुझे बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था। फिर कुछ देर बाद वो मुझसे कहने लगी कि फराह तुम अब अपनी भी उंगली को मेरी चूत में डाल दो और उसके बाद तुम ज़ोर ज़ोर से उसको अंदर बाहर करना। फिर मैंने उनके कहने पर ठीक वैसा ही किया और मैंने अपनी उंगली को नीलम की चूत में डाल दिया। फिर में उसको अंदर बाहर करते हुए ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी थी और उधर नीलम ने भी अपनी उंगली की गति को पहले से भी ज्यादा तेज कर दिया था। दोस्तों उस समय में मज़े के आसमान पर थी और कुछ देर बाद मेरा बदन ठंडा होने लगा और साथ ही मुझे लगा कि मेरी उंगली जो उस समय मिस नीलम की चूत में थी। वो किसी चिपचिपे प्रदार्थ से भर गयी। फिर मैंने उसको महसूस करके उनसे पूछा मिस यह क्या है? तो वो हंसकर मुझसे कहने लगी कि मेरी जान यह वही है जिससे बच्चा बनता है। फिर मिस नीलम ने अपना और मेरा बदन साफ किया और उसके बाद वो मुझसे कहने लगी कि आज के लिए इतना ही बहुत है और बाक़ी का इलाज हम कल भी करेंगे और तुम कल फिर से ज़रूर मेरे पास आ जाना।

फिर मैंने झट से अपना सर हाँ में हिला दिया और कुछ दिन इस तरह नीलम मेरा इलाज करती रही। कभी वो मेरे बूब्स को चूसती और में उनकी मालिश करती तो कभी वो मेरे बूब्स, कूल्हों को दबाती और मेरी चूत में अपनी उंगली को डालकर मुझे मज़ा देने लगती। फिर एक दिन जब हम कॉलेज से नीलम के घर पहुंचे तो वो मुझे बैठाकर बाहर जाने लगी और कहा कि में अभी आती हूँ। वहां में अकेली बैठी अब बोर हो रही थी कि मैंने सामने अलमारी से तस्वीरों की किताब निकाली और जब उसको मैंने खोलकर देखा। में एकदम हैरान रह गई, क्योंकि उसके अंदर नीलम की बहुत सारी नंगी तस्वीरे थी और एक तस्वीर में वो किसी आदमी का लंड चूस रही थी और एक तस्वीर में वो अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाकर उसका मोटा लंबा लंड अपनी चूत में डलवा रही थी। फिर एक तस्वीर में वो किसी आदमी के ऊपर बैठी हुई थी और उस समय उसका लंड पूरा उनकी चूत में था और एक दूसरा आदमी अपना लंड उनकी गांड में डाल रहा था और नीलम उन दोनों के साथ यह काम करके मुस्कुरा रही थी। वो बड़ी खुश नजर आ रही थी।

अब में वो सभी कुछ देखकर मन ही मन में सोच रही थी कि कॉलेज में इतना ज्यादा व्यस्त रहने वाली नीलम यहाँ किस तरह इन दोनों से अपनी चूत गांड मरवा रही है? में अभी यह सभी बातें सोच ही रही थी कि तभी अचानक से दरवाज़ा खुला और नीलम अंदर आ गई। फिर मैंने देखा कि उनके साथ एक बहुत सुंदर गोरा हट्टाकट्टा लड़का भी था, जो लगातार ऊपर से लेकर नीचे तक मेरे बदन को घूरकर देख रहा था। अब वो मुझसे कहने लगी कि फराह तुम इनसे मिलो यह मेरे दोस्त है, इनका नाम काशिफ है और में इन्हें यहाँ पर तुम्हारा इलाज करवाने के लिए अपने साथ लेकर आई हूँ। तुम देखना अब यह तुम्हारा कैसा इलाज करके तुम्हारी सभी समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे। फिर में उनके मुहं से वो बात सुनकर एकदम घबराकर खड़ी हो गयी और उसी समय सबसे पहले मैंने अपनी शर्ट के ऊपर वाले बटन को बंद करते हुए कहा कि मुझे कोई भी इलाज किसी से नहीं करवाना और अब में यहाँ से जा रही हूँ।

अब नीलम मेडम ने तुरंत मेरा एक हाथ पकड़ा और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम कैसे इलाज नहीं करवाओगी? और वो यह बात मुझसे कहते हुए मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी। अब में शर्म से मरी जा रही थी। फिर कुछ ही मिनट में मिस नीलम ने मेरे सारे कपड़े उतार दिये, जिसकी वजह से अब में उनके सामने बिल्कुल नंगी होकर खड़ी थी और काशिफ मेरे बदन को घूर घूरकर देख रहा था। फिर मिस नीलम ने मुझे उल्टा लेटा दिया और वो मेरे दोनों पैरों को पूरा खोलकर अपनी एक उंलगी से अंदर बाहर अच्छी तरह तेल लगाने लगी और इतने में काशिफ ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिये। फिर मैंने देखा कि उसका लंड बहुत बड़ा मोटा भी था, जिसको देखकर डर की वजह से मेरे शरीर में एक अजीब सी कंपकपी छूटने लगी। में मन ही मन कुछ बातें सोचकर आगे मेरे साथ क्या होने वाला है? ऐसी ना जाने कितनी बातों विचारो की वजह से डरकर घबराने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब मिस नीलम ने उस लड़के से कहा कि काशिफ तुम भी अपने लंड पर तेल लगा लो और थोड़ा ध्यान से देखकर तुम फराह का इलाज आराम से करना, यह इसका पहला इलाज है और तुम्हे इसके दर्द का भी पूरा पूरा ध्यान रखना है। फिर मिस नीलम ने मुझे पकड़कर डॉगी स्टाइल में खड़ा कर दिया और काशिफ पीछे से मेरे दोनों पैरों के बीच में आ गया। उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रख दिया और डर की वजह से में हिलने लगी, जिसकी वजह से उसका लंड इधर उधर होने लगा। अब मिस नीलम ने मेरे कूल्हों को अपने दोनों हाथों से पकड़कर उनको पूरा खोल दिया और फिर काशिफ को इशारा किया तो काशिफ ने वो इशारा समझकर तुरंत ही एक ज़ोरदार धक्का मार दिया, जिसकी वजह से उसका आधा लंड मेरी गांड को फाड़ता हुआ अंदर चला गया।

अब दर्द की वजह से मेरे मुहं से एक जोरदार चीख निकल गई। में अब रोने और चिल्लाने लगी थी। अब मिस नीलम मुझे तसल्ली देने लगी और वो मुझसे कह रही थी कि बस जान यह ऐसा दर्द सिर्फ़ पहली बार ही होता है, उसके बाद तुम्हे सिर्फ़ मज़ा मिलने लगेगा और इस इलाज से तुम्हारे बूब्स और गांड भी बहुत सुंदर आकार में बड़े हो जाएगें, तुम बस थोड़ा सा सब्र करो, बस कुछ देर की बात है और उसके बाद तुम्हे अभी वो मज़ा आने लगेगा, जिसके लिए यह पूरी दुनिया तरसती है। फिर इतने में ही काशिफ ने अपना दूसरा धक्का मुझे मार दिया और उसने अपना पूरा लंड मेरी कुँवारी और आकार में छोटी गांड में एकदम फिट कर दिया। दोस्तों मेरी अब उस दर्द की वजह से हालत पहले से भी ज्यादा खराब होने लगी थी, इसलिए में ज़ोर ज़ोर से हिलते हुए बिन पानी की मछली की तरह तड़पते हुए रोने लगी थी।

फिर कुछ देर रुके रहने के बाद जब मेरा दर्द कम हुआ और में शांत हुई। फिर काशिफ ने अपना लंड धीरे धीरे मेरी गांड के अंदर बाहर करना शुरू किया, तो मुझे अब शर्म आने लगी थी और उसके साथ साथ मेरा दर्द भी अब कम होने लगा था और काशिफ करीब आधा घंटा मेरी गांड वैसे ही धक्के देकर मारता रहा और अब उसकी रफ़्तार भी पहले से ज्यादा तेज़ हो गई थी। दोस्तों मुझे अब ऐसा लग रहा था कि कोई आठ इंच लंबा और चार पांच इंच मोटा डंडा धनाधन मेरी गांड के अंदर और बाहर आ जा रहा है, जिसकी वजह से मेरी गांड पूरी तरह से फट गई थी और उससे अब खून भी निकल रहा था, लेकिन मुझे अब इस खेल में मज़ा भी आ रहा था, क्योंकि मेरा दर्द अब मज़े में बदल चुका था। फिर काशिफ ने कुछ देर वैसे ही धक्के देने के बाद अपना गरम गरम वीर्य मेरी गांड के अंदर ही छोड़ दिया और उसके बाद वो एकदम निढाल होकर मेरे ऊपर गिर गया। फिर तब मैंने महसूस किया कि उसकी सांसे और दिल की धड़कने एकदम मेरी ही तरह चल रही थी और उसकी तरह में भी अब कुछ अच्छा और थकावट सा महसूस करने लगी थी।

दोस्तों वो चाहे कैसा भी काम रहा हो या मुझे उसकी वजह से कितना भी दर्द क्यों ना हुआ हो, लेकिन में जो आज जो कुछ भी लिखकर बता रही हूँ उसकी वजह से भी मुझे मज़ा आ रहा था। अब आप ही सोचिए कि में अपने उस पहले अनुभव के समय क्या और कैसा महसूस कर रही थी। फिर मैंने कुछ देर बाद उठकर अपने कपड़े पहने और खुश होकर कल एक बार फिर से अपना इलाज करवाने का वादा करके में अब अपने घर चली आई थी। अब में मन ही मन बहुत खुश थी, में जिसके बारे में किसी को नहीं बता सकती। दोस्तों काशिफ करीब बीस दिन तक लगातार हर दिन वैसे ही मेरी गांड मारकर मेरा इलाज करता रहा, जिसकी वजह से अब तो मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था और में अब महसूस करने लगी कि मेरे बूब्स और कूल्हे पहले से ज्यादा आकार में बड़े हो रहे थे, इसलिए में अपने शरीर का वो बदलाव देखकर भी मन ही मन बहुत खुश थी।

दोस्तों अब हर दिन अपनी गांड को मरवाने के बाद मेरा मन अब चाहता था कि अब काशिफ मेरी चूत भी मारे, लेकिन में उससे अपने मन की यह बात खुलकर कह ना सकी, लेकिन फिर एक दिन मुझसे मेरी वो मिस नीलम कहने लगी, देखो फराह काशिफ बहुत दिनों से तुम्हारा यह इलाज पूरी इमानदारी और मेहनत से करता आ रहा है और अब तुम इसको इसके उस काम का मेहनताना मिलना चाहिए, तुम इसको वो आज दो। फिर मैंने उनके मुहं से वो बात सुनकर थोड़ा सा चकित होकर उनसे पूछा कि मेडम वो में किस तरह करूं? आप ही बताए में इनको क्या दूँ? तो वो मेरी चूत पर अपने एक हाथ को रखकर मुझसे इशारा करके कहने लगी कि इस तरह और में उनका वो इशारा बड़ी अच्छी तरह से समझकर भी एकदम चुप रही। अब मिस नीलम ने उससे कहा कि काशिफ आज तुम जी भरकर अपनी मेहनत को वसूल करो, आज यह सुंदर और कुँवारी चूत तुम्हारी है, लेकिन तुम इस बात का भी पूरा पूरा ध्यान रखना कि आज से पहले इस चूत में सिर्फ़ एक उंगली ही गई है।

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अब तुम इसको जी भरकर प्यार से इसकी चुदाई करो और इसकी सुंदरता का हक आदा करो। फिर काशिफ ने उनके मुहं से यह बात सुनते ही खुश होकर मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और वो तुरंत ही अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा। फिर मैंने उससे कहा कि काशिफ आराम से करो, में तुम्हारे पास ही हूँ और फिर में उसका एक हाथ पकड़कर बेड पर ले गई। फिर बेड पर जाते ही काशिफ ने मेरे दोनों पैरों को पूरा खोलकर मेरे कूल्हों के नीचे एक तकिया रख दिया, जिसकी वजह से मेरी चूत ऊपर उठकर अब उसके सामने अपनी चुदाई का उसको न्योता देने लगी और अब वो मेरी ऊँची उठी हुई खुली चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा। ऐसा करने में उसको शायद बड़ा मज़ा आ रहा था इसलिए वो भूखे कुत्ते की तरह अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगा और इस काम को भी वो बहुत मन लगाकर करने लगा। फिर मेरी चूत में अब उसकी जीभ के चाटने से कुछ हो रहा था। में उस मज़े को किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकती कि में उस समय क्या महसूस करने लगी थी? जिसकी वजह से में पागल हो चुकी थी।

फिर काशिफ ने एकदम से अपना गर्मागरम लंड मेरी चूत के मुहं पर रख दिया और वो मेरी चूत के दाने को सहलाते हुए उसको टटोलकर मुझे गरम करने लगा, जिसकी वजह से में जोश में आकर सिसकियाँ लेते हुए आह्ह्ह ऊफ्फ्फ स्सीईई करने लगी थी और फिर उसने अचानक से एक ज़ोर का झटका लगा दिया। फिर उस दर्द की वजह से मेरे मुहं से एक जोरदार चीख बाहर निकल गई। फिर मैंने उस दर्द से तड़पते हुए कहा कि काशिफ प्लीज अब बस करो मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है, तुम कुछ देर रुककर पहले कोई तेल या क्रीम लगा लो, सूखी चूत में लंड अंदर बाहर होने की वजह से मेरी पूरी चूत छिलकर जलन कर रही है, प्लीज आह्ह्ह्ह में मरी जा रही हूँ कुछ करो। फिर काशिफ मेरा वो दर्द देखकर अपने लंड को चूत से बाहर निकाला और उठकर जाकर शहद, दूध, क्रीम ले आया और उसने उसको मेरी चूत के अंदर और बाहर डाल दिया। फिर अपना लंड मेरी शहद, दूध, क्रीम वाली चूत में डालने की बजाए वो अब अपनी जीभ को मेरी चूत में डालकर शहद और क्रीम को चूसकर चाटकर खाने लगा। अब मेरा बहुत बुरा हाल था और में उससे कह रही थी कि काशिफ अब जल्दी से तुम अपना लंड मेरी चूत में डालो मुझसे अब ज्यादा बर्दाश्त नहीं हो रहा है, प्लीज अब चाटना बंद करो और तुम लंड को अंदर डालकर मेरी चुदाई करो।

दोस्तों मेरे मुहं से यह शब्द सुनते ही काशिफ ने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर अपने लंड को मेरी तरसती तड़पती हुई चूत के मुहं पर रख दिया और एक ज़ोरदार तेज धक्का मार दिया। दोस्तों मेरी चूत जो पहले से ही शहद और क्रीम से भरकर चिकनी हो चुकी थी, इसलिए उसका लंड फिसलता हुआ उसके अंदर एकदम मिसाईल की तरह पूरा अंदर चला गया और मेरी आखों के सामने अंधेरा सा छा गया और उसी एक धक्के के साथ मेरी नाज़ुक चूत अब फट चुकी थी और उससे खून भी अब बाहर निकल रहा था। अब में दर्द की वजह से चीख रही थी और उससे कह रही थी कि प्लीज काशिफ इस लंड को कुछ देर के लिये ही बाहर निकाल लो, लेकिन वो कहने लगा कि जान चूत में से बच्चा बाहर आने के बाद कभी वापस अंदर गया है क्या जो यह मेरा लंड अंदर जाकर अब बाहर निकल आए? फिर इस बात के साथ ही उसने एक और धक्का मार दिया, जिससे उसने अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत के अंदर डाल दिया और दर्द की वजह से मेरी आखों के सामने अंधेरा सा छा गया। मुझे उस समय लग रहा था कि जैसे किसी ने तेज़ धार वाली मोटी गरम लोहे की चीज से मेरी चूत को काट दिया हो।

फिर कुछ देर तक काशिफ ने पूरा लंड मेरे अंदर फिट रखा और फिर धीरे धीरे उसने अंदर बाहर करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से मुझे भी अब मज़ा आने लगा था और कुछ देर बाद काशिफ ने अपना गरम प्रदार्थ जिसको वीर्य कहते है उसको मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दिया और साथ ही मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया और हम दोनों तेज़ तेज़ सांस लेने लगे। दोस्तों उस दिन काशिफ ने तीन बार मेरी चुदाई की और उसके बाद तो मुझसे ठीक तरह से चला भी नहीं जा रहा था। फिर अपने घर आकर मैंने अपनी चूत को गरम पानी से साफ किया और में अपने दोनों पैरों के बीच में तकिए को लेकर कई घंटो तक सोती रही। दोस्तों यह थी मेरी वो सच्ची चुदाई की घटना जिसने मेरा पूरा जीवन और मेरे शरीर को भी पहले से बहुत ज्यादा परिवर्तित कर दिया। अब मेरे बूब्स कूल्हों को देखकर हर एक लड़का मेरी तरफ आकर्षित होने लगा है ।।

धन्यवाद …

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