मम्मी को प्रिंसीपल ने चोदा


Click to Download this video!
0
loading...

प्रेषक : विकास …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विकास है और आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को मेरी मम्मी उनका नाम सरिता है, उनकी मेरे स्कूल में हुई सच्ची चुदाई की कहानी के बारे में बताने के लिए आया हूँ, क्योंकि उस दिन इस चुदाई को देखकर मुझे अपनी माँ का असली रूप नजर आया और इसलिए अब मेरे विचार अपनी माँ के लिए बिल्कुल बदल गए है। दोस्तों मुझे उम्मीद है कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी और वैसे में भी अब तक बहुत सारी सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े ले चुका हूँ और मेरी यह कहानी भी उन्ही कहानियों की तरह बहुत मज़ेदार है। दोस्तों जब में पढ़ता था, तब उन्ही दिनों मेरे पापा की एक बीमारी की वजह से म्रत्यु हो गयी और वो एक प्राइवेट स्कूल में टीचर थे। फिर कुछ महीनों के बाद हमारे स्कूल के प्रधानाध्यापक ने मेरे घर की परेशानियों को देखकर समझते हुए मेरी मम्मी को लाइब्रेरियन की नौकरी पर हमारे स्कूल में लगवा दिया था। अब उसकी वजह से मेरी और मेरी मम्मी की पैसों की वो समस्या खत्म हो गयी थी, जिसकी वजह से हम दोनों कुछ समय से बड़े परेशान थे और जब मेरे पापा ने हमारा साथ छोड़ा तब मेरी माँ दिखने में जवान थी।

फिर करीब दो महीने तक तो मेरी मम्मी मेरे साथ ही स्कूल जाती और वो वापस भी आ जाती थी, लेकिन फिर समय बीत जाने के साथ साथ ही अब मेरी मम्मी एक सप्ताह में दो से तीन बार स्कूल बंद होने के बाद भी पुस्तकालय में ही रुककर काम किया करती थी और में अकेला अपने घर आ जाता था और मम्मी करीब दो तीन घंटो के बाद ही आती थी। फिर उस दिन भी में स्कूल से अपने घर आ चुका था और मेरी मम्मी स्कूल में ही रुक गयी थी। दोस्तों हमारा घर मेरे स्कूल से बीस मिनट की पैदल दूरी पर था और फिर अपने घर पहुंचकर मुझे अचानक से याद आया कि घर की चाबी मम्मी के ही पास है। फिर में मम्मी से चाबी लेने के लिए वापस स्कूल की तरफ चल पड़ा और फिर स्कूल पहुंचकर मैंने देखा कि स्कूल का मुख्य दरवाज़ा बंद था और दरवाजे पर खड़ा चौकीदार भी चला गया था। अब में उस दरवाजे के साथ वाली दीवार को कुदकर अपने स्कूल के अंदर चला गया और फिर में पुस्तकालय की तरफ चल दिया। फिर जैसे ही में पुस्तकालय के पास पहुँचा, उसी समय मुझे अपनी मम्मी की हंसने की आवाज सुनाई देने लगी थी और में तुरंत वहीं पर रुक गया। फिर मैंने छूकर महसूस किया कि पुस्तकालय का दरवाजा भी अंदर से बंद था, लेकिन वहां की एक खिड़की थोड़ी सी खुली हुई थी।

फिर मैंने उस खिड़की से अंदर झांककर देखा और उसके बाद में तो एकदम हैरान बड़ा चकित रह गया, क्योंकि मैंने देखा कि उस समय अंदर मेरी मम्मी बिल्कुल नंगी खड़ी हुई थी। दोस्तों वो अपने दोनों बूब्स को अपने हाथों से दबा रही थी और सामने वाले सोफे पर मेरे प्रधानाध्यापक जिसका नाम राकेश था वो भी नंगा सोफे पर बैठकर अपने लंड को एक हाथ से सहला रहा था और उसका लंड भी पूरा तनकर छ: इंच लंबा लग रहा था। अब मैंने देखा कि मम्मी उसके पास जाकर ज़मीन पर नीचे बैठकर उसके लंड को अपने एक हाथ से सहलाने लगी थी। फिर कुछ देर बाद राकेश ने मम्मी के सर को पकड़कर अपने खड़े लंड की तरफ झुका दिया और मम्मी ने भी तुरंत वो इशारा समझकर उसके लंड को अपने मुहं में ले लिया और वो अपने मुहं से उसके लंड पर ऊपर नीचे करने लगी और राकेश जोश में आकर लगातार अपने मुहं से मस्ती भरी आवाज़े निकाल रहा था और वो मम्मी के कन्धो पर हाथ फेर रहा था और मम्मी अपने एक हाथ से अपने बड़े आकार के लटकते हुए बूब्स को मसल रही थी। दोस्तों मैंने देखा कि वो सब करते हुए वो दोनों बहुत जोश मज़े से उस काम को खुश होकर कर रहे थे।

अब मेरी मम्मी उस लंड को लोलीपोप की तरह चूस रही थी और बीच बीच में वो लंड को पूरा मुहं से बाहर निकालकर उसके टोपे पर अपनी जीभ को फेर रही थी, जैसे वो आईसक्रीम को अपनी जीभ से चाट रही हो। दोस्तों में पहली बार अपनी सतीसावित्री माँ का वो बदला हुआ रूप देखकर बड़ा चकित था और मुझे अपनी आँखों पर कुछ देर तक बिल्कुल भी विश्वास नहीं हुआ, क्योंकि मेरी माँ किसी अनुभवी रंडी की तरह बड़ी ही खुश होकर वो सब काम कर रही थी। अब राकेश उस मस्ती में बिल्कुल पागल हो गया और उसने मम्मी के चेहरे को अपने दोनों हाथों में पकड़ा और फिर अपने कूल्हों को उठा उठाकर वो मम्मी के मुहं को किसी चूत की तरह धक्के देकर चोदने लगा था। दोस्तों उसका लंड मेरी मम्मी के मुहं में पूरा अंदर जाकर मुझे उनके गले तक नजर आ रहा था, जिसकी वजह से मेरी माँ की सांसे रुकने लगी और उनकी आँखों से आंसू बाहर आने लगे थे और वो कुछ देर ऐसे ही मम्मी के मुहं में अपने लंड को अंदर बाहर करता रहा। फिर कुछ देर बाद मम्मी खड़ी हो गयी, जिसकी वजह से राकेश का लंड उनके मुहं से बाहर आ गया वो मम्मी के मुहं के थुक की वजह से पूरा चमक रहा था। अब मम्मी सोफे पर चड़कर कुतिया की तरह अपने हाथों पैरों पर बैठकर उसकी तरफ देखकर उसके सामने अपने कूल्हों को हिलाने लगी थी।

loading...

फिर राकेश मेरी माँ की तरफ मुस्कुराते हुए खड़ा हुआ और फिर वो मम्मी के पीछे आ गया और अब उसने मम्मी के कूल्हों पर दो थप्पड़ मारे जिसकी वजह से कूल्हे और भी ज़ोर से हिलने लगे और मम्मी ने दर्द की वजह से हल्की से आह भरने लगी। अब राकेश ने अपने दोनों हाथों से मम्मी के दोनों मोटे मोटे कूल्हों को पूरा फैला दिया और फिर उसने अपनी कमर को आगे की तरफ एक ज़ोर का झटका दे दिया, जिसकी वजह से उसका लंबा मोटा लंड मम्मी की चूत में चला गया। दोस्तों उस तेज धक्के की वजह से हुए दर्द से मम्मी की हल्की सी दर्द भरी चीख निकल गयी ऊईईइ आह्ह्ह माँ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो, क्या में कहीं भागी जा रही हूँ जो इतना जल्दी कर रहे हो? फिर उसने बिना कुछ कहे एक और तेज धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से उसका पूरा लंड मम्मी की चूत में चला गया और मम्मी दर्द की वजह से करहाने लगी, लेकिन राकेश ने बिना ध्यान दिए अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया। दोस्तों वो अब मम्मी से कहने लगा कि मेरी जान अब तो तुम्हारी चूत को मेरे लंड की आदत हो जानी चाहिए, इतनी बार लेने के बाद भी तुम्हारा यह नाटक नखरा पहले जैसा ही है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब माँ ने सिसकियाँ लेते हुए कहा कि वो सब ठीक है, लेकिन अगर तुम धीरे धीरे आराम से अंदर बाहर करोगे, तब मुझे दर्द का पता भी नहीं चलेगा। अब वो कहने लगा कि हाँ ठीक है मुझे माफ करना में दोबारा यह गलती नहीं करूंगा और वो धीरे धीरे धक्के देने लगा था, जिसकी वजह से अब उसका लंड बड़े आराम से चूत के अंदर बाहर होने लगा था और मम्मी भी जोश में आकर मस्ती भरी आवाज़े निकाल रही थी और वो अपने कूल्हों को राकेश के हर एक धक्के के साथ आगे पीछे करते हुए अपनी चुदाई करवाने लगी थी। अब राकेश ने अपने एक हाथ को आगे बढ़ाकर मम्मी के लटकते हुए बूब्स को मसलना शुरू कर दिया था और अब राकेश मम्मी की चूत में अपने लंड से झटके बड़ी तेज़ी के साथ पूरे जोश में आकर मस्त चुदाई के मज़े ले रहा था। अब उसकी वजह से दर्द से मम्मी के मुहं से आह्ह्ह्ह ऊउईईईई की आवाज निकल रही थी, लेकिन मम्मी फिर भी पूरा पूरा साथ दे रही थी और उनको धक्के खाने में दर्द के साथ ही बड़ा मज़ा भी आ रहा था। उनके चेहरे से साफ झलक रहा था कि वो लंड को अपने अंदर लेकर कितना खुश थी।

फिर दस मिनट तक मम्मी को वैसे ही कभी तेज और कभी हल्के धक्के देकर चुदाई करने के बाद राकेश ने अपना लंड मेरी माँ की चूत से बाहर निकाल लिया था। अब वो खड़ा हो गया था और मम्मी तुरंत ही सोफे से नीचे उतरकर नीचे बैठकर उसके लंड को अपने मुहं में भरकर बड़े ही आराम से एक अनुभवी रंडी की तरह लंड को चूसने लगी थी। फिर राकेश ने मम्मी के सर को कसकर पकड़ा और फिर वो ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा था और कुछ देर बाद ही उसका पूरा शरीर तनाव में आ गया था, शायद वो अब झड़ने लगा था। अब मम्मी उसके लंड से निकल रहे वीर्य को चूसकर गटक रही थी और मम्मी का मुहं वीर्य से पूरा भर चुका था, इसलिए वीर्य बाहर भी निकलने लगा था। दोस्तों अगले दो मिनट तक वो दोनों उसी तरह से मज़े ले रहे थे और मम्मी ने कुछ देर बाद लंड को जब अपने मुहं से बाहर निकाला तब मैंने देखा कि वो लंड अब तक मुरझा चुका था और वो मम्मी के चूसने चाटने की वजह से बड़ा चमक भी रहा था। अब मम्मी उठकर खड़ी हो गयी और वो दोनों एक दूसरे को एक पल देखने के बाद चूमने लगे थे। फिर उसके बाद उन दोनों ने अपने कपड़े पहने और वो सोफे पर बैठ गये।

loading...
loading...

अब राकेश मेरी माँ से कहने लगा कि सरिता कल हमारे स्कूल के फाउंडर हरीश पहली बार यहाँ पर आ रहे और अगर तुमने कल उनको भी इस तरह से खुश कर दिया, तो तुम समझो की तुम्हारी नौकरी हमेशा के लिए यहीं पर पक्की हो जाएगी। अब मम्मी कहने लगी कि मैंने अपनी इस नौकरी के लिए तुमसे पहली बार अपनी चुदाई करवाई है और आज में इस पद पर हूँ और अगर मुझसे उसके भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और उसके लिए मुझे हरीश से भी चुदाई करवानी पड़ी तो में खुश होकर वो भी काम जरुर करना पसंद करूंगी। अब राकेश मेरी माँ का जवाब सुनकर खुश होकर कहने लगा कि हाँ तो फिर ठीक है कल तुम्हारे घर पर रात को में उसको अपने साथ लेकर आ जाऊंगा और हमारे आने से पहले ही तुम विकास को सुला देना। फिर मम्मी ने भी खुश होकर कहा कि हाँ ठीक है में सभी काम पूरा करके तुम्हारा इंतजार करूंगी और इतना कहकर वो एक दूसरे के गले से लगकर चूमते हुए प्यार करने लगे और फिर में उन दोनों की वो बातें सुनकर वहां से हटकर वापस अपने घर आ गया और आते समय पूरे रास्ते में चुदाई का जो खेल मैंने कुछ देर पहले देखा था, उसके बारे में सोचने लगा और फिर अगले दिन होने वाली उस चुदाई को कैसे देखना है? में अब मन ही मन उसके इंतज़ाम के बारे में भी सोचने लगा था।

दोस्तों यह था मेरी चुदक्कड़ माँ की चुदाई का सच जिसको देखकर मेरे होश अपने ठिकाने पर नहीं थे मेरी माँ की पहली चुदाई को देखकर मुझे पता चला कि जो भी ऊपर से जैसा नजर आता है वो अंदर से कुछ अलग निकलता है। दोस्तों मुझे उम्मीद है कि सभी पढ़ने वालो को यह सेक्स अनुभव जरुर पसंद आया होगा ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


hindi sexy soryबुआ साथ किचन सैकसी बातैhindi sexy stories to readहिदी,sex,कानीयाहरामी औरत लनड चोद बिडियोhindi chudai ki kahaniyan behosh ho gayi jab seal todi to cheekh nikal gayesexy srory in hindiमुझे लंड दिखाकर मुठ मारता हैhinde sexi kahanisexy stoerisexi kahaniअमन अपनी चाची को कैसे चोदाआंटी को ठंडा की रात चोदाMa ki adhuri pyas ki kahanihindi saxy kahanisaxy store in hindichudakkad pariwarNew sexy stories in Hindiइंडियन सेक्स स्टोरी इनपापा माँ की चुदाई कर रहे रत मे Hinde storysaxy storeyबायफ्रेंड से चोदारानी को चोदाsexy kahaniyagand me lund touch bhid market me sex kahanisexi stories hindiचोदनsexi khaniya hindi mehindu sex storikamuk khaniasexy story in Hindi बेटे ने माँ की सलवार उतार के छोड़ाadults hindi storiesपहली बार चुत छुडवाई मेरी सहली नेhindi sexy stprysexy stroinakurke sath hindi chudsi kahniyasex stories Hindi sexy syory in hindiindian sexi kahaniyan hindiचूत ठोका कहानीsaxystoriessex hot khani hindi mesexy stoy in hindisexy story gaon ke khet ladkio ki paise deke chudai kiSex story in hindisex stori in hindi fontsexy story com hindisexy stoies in hindiऐसा लग रहा है ये तुम्हारी ही इच्छा है खुले में चुदाईGaheri nind mein soya hua sex kahaniSexy hind storysसेक्स kahaniyachut fadne ki kahanihindi sex story sexमसि की प्यासी चूतsexestorehindevidhva bua ke bade boobs hindi sex storyhindi sexy khanisimran ki anokhi kahaniwww.tum jse chutyoka sahara hye dosto mp3 song.inmom ne apni chut ka ras nanad ko pilayaaantee.kee.chdaye.kee.estoeehindisexystroiesXxx suit capal fist time sexhindhi saxy storyपहली बार चुत छुडवाई मेरी सहली नेsex khani audio//radiozachet.ru/mummy-ne-sex-ki-bhook-mitai///radiozachet.ru/audio-sex-stories/sexi storijfree sexy stories hindisasur our jawan bahuno ka maaza hindi sex storiwww.saxy.hindi.stories.mastramBua को नंगा करके बिस्तर पर जाने को कहा www new hindi sexy story com