किरायेदार की बीवी की रसभरी चूत


Click to Download this video!
0
loading...

प्रेषक : समीर …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम समीर है और में दिल्ली में रहता हूँ। आज में आप सभी लोगों के लिए अपने जीवन की एक सच्ची घटना को लेकर आया हूँ जिसने मेरे जीवन में बहुत खुशियाँ भर दी। दोस्तों में इस आज की कहानी में अपनी एक किराए से रहने वाली चुदाई की प्यासी भाभी की चुदाई के मज़े लेता रहा जिसमे हर बार वो खुश होकर मेरा साथ देती रही और हम हंसी ख़ुशी अपने वो दिन बिताने लगे और हमें पता ही नहीं चला कि कब इतनी जल्दी वो हमारा समय निकल गया। दोस्तों वैसे तो मुझे शुरू से ही सेक्स करना और कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन आज में पहली बार अपने जीवन की भी इस सच्ची घटना को आप सभी के लिए लिखकर पहुंचा रहा हूँ प्लीज मुझे आप इसके बारे में मैल करके जरुर बताए और अब ज्यादा देर बोर ना करते हुए में अपनी इस कहानी को शुरू करता हूँ। दोस्तों यह बात आज से करीब 6 महीने पुरानी है जब हमारे मकान में एक किरायदार रहने के लिए आए थे, वो दोनों अभी नये नये शादी के बंधन में बंधे थे और वो अपनी नौकरी की वजह से अपने घर से दूर दोनों पति पत्नी ही हमारे घर में रहने के लिए आए क्योंकि उनकी शादी अभी हुई थी इसलिए उनके कोई बच्चा भी नहीं था, वो दोनों बस अकेले ही रहते थे और में उन दोनों को भैया और भाभी कहता था। उन दोनों का व्यहवार बहुत ही अच्छा होने के साथ साथ मेरी उस भाभी का बहुत ही हंसमुख स्वभाव था।

इस वजह से धीरे धीरे उन लोगो से हमारे घरवालों के बीच अच्छे रिश्ते अपने आप बनते चले गये और में भी उसी वजह से धीरे धीरे उनके बहुत करीब पहुंचता चला गया। अब मुझे उसके पास समय बिताना बातें हंसी मजाक करना बहुत अच्छा लगता था क्योंकि वो बहुत सुंदर गोरी होने की वजह से बहुत ही आकर्षक थी और में सीधी सीधी बात कहूँ तो वो मुझे अब बहुत अच्छी लगने लगी थी इसलिए मेरा उनकी तरफ कुछ ज्यादा ही झुकाव था, शायद उनके मन में भी कुछ था, लेकिन वो यह बात बताती नहीं थी। दोस्तों मेरी उस हॉट सेक्सी भाभी का पति तो ज़्यादातर समय अपनी नौकरी की वजह से बाहर ही रहता था, वो कभी लखनऊ तो कभी अहमदाबाद और कभी कहीं और जाकर अपने काम किया करता इसलिए उसको घर में रहने का बहुत कम समय मिलता था। एक दिन यह हुआ कि मेरी उस भाभी के पति कुछ दिनों के लिए बाहर गये हुए थे और उसी दिन मेरे सभी घरवाले भी अपने किसी जरूरी काम की वजह से दिल्ली से बाहर गये हुए थे, लेकिन में अपनी पढ़ाई की वजह से उनके साथ नहीं गया था और वो जाते समय हमारे कमरे की चाबी मेरी उसी भाभी को दे गये थे और मुझे यह बात मेरे घरवालों ने फोन करके पहले से ही बता दी थी कि मेरे घर की चाबी मेरी भाभी के पास है। फिर में शाम को अपने घर पर आया और मैंने सीधा जाकर अपनी भाभी के कमरे की घंटी बजाई तो उस आवाज को सुनकर मेरी भाभी तुरंत बाहर निकल आई, उस समय उन्होंने नीले रंग का गहरे गले का सूट पहन रखा था और उस समय उनके सर पर दुपट्टा भी नहीं था। दोस्तों वैसे तो मेरी सुंदर भाभी का फिगर 36-32-36 होगा जिसको देखकर में हर कभी अपने होश खो बैठता था और में अपनी चकित नजरों से हर कभी उनके बूब्स को घूरने लगता और मेरा मन वो सेक्सी द्रश्य देखकर पागल हो जाता। फिर मैंने देखा कि उस दिन मेरी भाभी ने अपनी ब्रा इतनी टाईट पहनी हुई थी कि उस ब्रा में से मेरी भाभी के गोल बड़े आकार के गोरे गोरे बूब्स अब बाहर आने के लिए फड़फड़ा रहे थे और मेरी नजर उनकी छाती से हटाए नहीं हट रही थी। में कुछ देर उनको घूरते हुए देखता ही रहा और उसके बाद मैंने उनसे कहा कि भाभी मुझे वो चाबी चाहिए जो आपको मम्मी ने जाते समय दी थी। तो भाभी ने कहा कि हाँ में अभी तुम्हे वो चाबी लाकर देती हूँ तब तक तुम अंदर आ जाओ। फिर उनके कहते ही में अंदर आ गया और फिर किस्मत से यह हुआ कि भाभी उस चाबी को इधर उधर ढूंढने लगी, लेकिन उनको वो कहीं भी नहीं मिली क्योंकि वो उसको रखकर कहीं भूल गई थी और अब उनको याद भी नहीं आ रहा था इसलिए कुछ देर ढूंढने के बाद भाभी मेरे पास आ गई और वो मुझसे कहने लगी कि चाबी तो पता नहीं में कहाँ रखकर भूल गई हूँ और मुझे याद भी नहीं आ रहा है अब तुम ही बताओ में क्या करूं। फिर मैंने उनसे कहा कि भाभी मुझे वो चाबी तो चाहिए नहीं तो में आज रात को कहाँ पर रहूँगा। मुझे और भी बहुत सारे काम करने है। फिर भाभी ने कहा कि ठीक है में अभी थोड़ा सा सोचकर और अच्छी तरह से एक बार फिर से देख लूँगी और मुझसे यह बात कहकर वो वहीं उसी सोफे पर मेरे पास बैठ गई और अब वो मुझसे इधर उधर की बातें करने लगी और कुछ देर बाद वो उठकर गई और फ्रिज से मेरे लिए पेप्सी निकालकर ले आई उसके बाद मुझे भाभी ने वो पेप्सी खोलकर दे दी, लेकिन उन्होंने खुद ने उसको नहीं पिया।

फिर मैंने उनसे कहा कि आप भी लो, क्या में अकेला ही इसको पियूँगा? तब भाभी ने मुझसे कहा कि नहीं में नहीं लूँगी, क्योंकि मेरे सर में आज सुबह से ही बहुत तेज दर्द हो रहा है जिसकी वजह से मुझे कुछ भी करने की हिम्मत और कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है कि में क्या करूं मैंने आज सुबह से कुछ भी काम नहीं किया बस में लेटी हुई हूँ। अब में यह बात सुनकर तुरंत ही भाभी के पास उठकर चला गया और मैंने उनसे कहा कि लाओ में आपका सर दबा देता हूँ देखना अभी कुछ देर में आपको बहुत आराम मिलने लगेगा। फिर भाभी मुझसे इस काम को करने के लिए मना करने लगी वो मुझसे कहने लगी कि नहीं तुम रहने दो मेरी वजह से तुम तक़लीफ़ मत करो में इसके लिए कोई दवाई ले लूँगी और में तो अब तक वैसे ही लापरवाह बनकर दवाई नहीं ले रही थी वरना यह दर्द तो कभी का चला जाता। अब मैंने उनको कहा कि भाभी क्या मुझे आपके ऊपर इतना भी हक़ नहीं है कि में आपका सर दबाकर आपको आराम दे सकूं और वैसे भी यह काम करना तो मेरा फर्ज है और आप मुझे इसके लिए मना कैसे कर सकती है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

loading...

फिर मेरे बहुत बार कहने पर फिर भाभी मान गई और उनकी तरफ से हाँ सुनकर में मन ही मन बहुत ख़ुशी थी। अब में सोफे पर चढ़कर भाभी का सर इस अंदाज़ से दबा रहा था कि भाभी की रीड की हड्डी मेरे लंड से छू रही थी। फिर कुछ देर बाद मेरा लंड भाभी के स्पर्श से ही फनफना गया और ऊपर से भाभी का वो सूट का बड़ा गला था जिसकी वजह से मुझे उनके बूब्स ऊपर से एकदम साफ दिखाई दे रहे थे, जिसको देखकर मेरी आखों की चमक पहले से ज्यादा बढ़ गई थी। अब में धीरे धीरे बड़े मज़े लेकर उनका सर दबा रहा था जिसकी वजह से कुछ देर बाद मैंने अब महसूस किया कि मेरी भाभी धीरे धीरे मदहोश सी होती जा रही थी उनकी दोनों आखें बंद थी और वो मेरे हाथों का स्पर्श अपने सर पर महसूस करके पागल हुए जा रही थी और फिर क्या था? मैंने कुछ देर बाद सही मौका देखकर अपनी भाभी को अपनी आगोश में ले लिया और में भी तुरंत वहीं उस सोफे पर उनके पास लेट गया। फिर भाभी ने एकदम से चकित होकर उठकर मुझसे कहा कि तुम यह क्या कर रहे हो? चलो दूर हटो मुझसे में तुम्हे कैसा समझती थी, लेकिन तुम कैसे निकले? अब मैंने भाभी से कहा कि भाभी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो और में आपसे बहुत बहुत प्यार करता हूँ। यह बात में आपको पिछले कुछ दिनों से बताना चाहता था, लेकिन में डरता था इसलिए में अपने मन की बात आपको बता ना सका और आज बता रहा हूँ। फिर भाभी ने मेरी पूरी बात सुनकर इतराकर कहा कि वाह जी वाह बड़ा आया मुझे प्यार करने वाला, क्या कभी कोई प्यार करने वाले इतनी देर लगाते है? अब मैंने जो देखा उसकी वजह से मेरी आखें खुली कि खुली रह गई क्योंकि मेरी भाभी की सलवार अब नीचे खुली पड़ी थी वो मुझसे बातें करते समय यह काम कर रही थी जिसको देखकर मुझे ग्रीन सिग्नल मिलते ही में बहुत खुश होकर अपने काम पर लग गया और सबसे पहले तो मैंने भाभी के होंठो को चूस चूसकर एकदम लाल कर दिया और उसके बाद मैंने उनसे कहा कि भाभी क्या आपने कभी लंड का भी स्वाद चखा है? तो वो कहने लगी कि छि मुझे तो सुनते ही बहुत घिन आती है करना तो बहुत दूर की बात होगी, मुझे वो करना बिल्कुल भी पसंद नहीं है।

loading...

फिर मैंने उनसे कहा कि घिन किस बात की? अरे यह काम तो बाहर दूसरे देश में बहुत जमकर होता है, वो लोग तो सबसे पहले लंड ही चूसते है और अगर बिना लंड चूसाए वो चुदाई करे तो उनका लंड खड़ा नहीं होगा इसलिए उनको वो काम करना बहुत जरूरी होता है। अब भाभी ने कहा कि वो लोग कैसे भी करते होंगे, लेकिन में नहीं चूसूंगी। फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ ठीक है आज नहीं तो कल आपको इसके स्वाद का पता चलेगा और इतना कहकर में खड़ा हुआ और मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था। फिर मैंने अपनी पेंट को खोला, उसके बाद लंड को बाहर निकाला। मेरा लंड करीब पांच इंच लंबा है और तीन इंच मोटा है, जो अब मेरी भाभी के सामने तनकर उनकी चूत को सलामी दे रहा था और वो मेरा लंबा मोटा लंड देखकर अपने चेहरे पर थोड़ी सी मुस्कुराहट लाकर मुझसे बोली कि वाह तुम्हारा यह लंड तो बहुत तगड़ा है। फिर मैंने उनसे कहा कि अरे हम खाते पीते घर के है, ऐसे वैसे थोड़ी ना है। उसके बाद में भाभी के पास जाकर खड़ा हो गया और उस समय भाभी भी खड़ी हुई थी। फिर मैंने खड़े खड़े ही भाभी की चूत पर अपना एक हाथ फेर दिया और में उनकी गीली कामुक चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा था और तब मैंने महसूस किया कि भाभी तो इतनी उतावली हो चुकी थी कि उसने आव देखा ना ताव और वो फटाफट मुझसे मेरे लंड को अपनी चूत में डालने के लिए कहने लगी थी, क्योंकि अब शायद भाभी से ज्यादा देर रुकना मुश्किल होता जा रहा था। अब में भी खड़े खड़े ही उसकी रसभरी चूत में अपने लंड को डालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मेरी वो पहली कोशिश नाकाम हो गई और मेरा लंड धक्का देते ही उनकी गीली चूत से फिसलकर दूसरी जगह चला गया, क्योंकि यह मेरा पहला सेक्स अनुभव था और में भी इस काम में थोड़ा सा अनाड़ी हूँ इसलिए मेरा पहला निशाना चूक गया, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और फिर मैंने पास में रखी एक कुर्सी को देखा में तुरंत ही उस कुर्सी पर बैठ गया। अब मैंने भाभी से कहा कि अब आप आकर मेरे ऊपर बैठ जाओ, तभी भाभी मेरे मुहं से वो बात सुनकर एकदम से मेरे पास आकर मेरे लंड पर बैठ गयी, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड एक ही बार में पूरा चूत के अंदर जा पहुंचा और उनके बूब्स मेरी छाती से छूकर दबने लगे और मैंने उसी समय उसके रसभरे होंठो को चूसना शुरू किया। फिर उसके साथ में हल्के हल्के धक्के भी देने लगा था। फिर उसके कुछ देर बाद पूरी तरह से जोश में आ जाने के बाद अब वो अपनी गांड को हिलाने लगी थी और में भी उनको अपनी तरफ से तेज तेज झटके देने लगा था। ऐसा करने में हम दोनों को बहुत ही मज़ा आ रहा था क्योंकि हम दोनों ही उस समय पूरी तरह से जोश में थे और हमें पता नहीं था कि हम दोनों उस समय कौन सी दुनिया में है, लेकिन में सच कहूँ तो वो मज़ा सबसे हटकर था में इसलिए अपने किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता कि उस समय में क्या और कैसा महसूस कर रहा था और यह सब इसलिए था क्योंकि दोस्तों मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि मेरी वो भाभी मेरा थोड़ा सा आगे बढ़ते ही तुरंत अपने पूरे जिस्म को मेरा कर देगी और में जिस चुदाई को हमेशा अपने सपनों में देखा करता था आज में अपनी भाभी को हकीकत में चोद रहा था और वो मेरे साथ खुश थी।

फिर थोड़ी देर लगातार मस्त धक्के देने के बाद मेरे झड़ने का समय आ गया और उसी समय मुझे याद आया कि भाभी ने मुझसे कहा था कि तुम मेरी चूत के अंदर मत झड़ना वरना मुझे बड़ी दिक्कत हो जाएगी। तो मैंने यह बात सोचकर झट से अपना लंड अपनी भाभी की चूत से बाहर निकाल लिया और मैंने लंड को हाथ में लेते हुए धीरे धीरे हिलाते हुए सामने वाली दीवार पर अपने लंड से निकले वीर्य की पिचकारी को छोड़ दिया जिसके बाद मेरा लंड धीरे धीरे छोटा होता चला गया, जिसकी वजह से मेरा जोश भी ठंडा होता चला गया, लेकिन दोस्तों उसके कुछ देर बाद में दोबारा अपने लंड की प्यास अपनी भाभी की गरम चूत से बुझाने के लिए उनको जोश में लाने लगा और कुछ देर बाद हम दोनों एक बार फिर से तैयार हो चुके थे, इसलिए हम दोनों ने दोबारा उससे भी ज्यादा मज़ेदार चुदाई के मज़े लिए और इस बार मुझे पहली की चुदाई की अपेक्षा झड़ने में भी ज्यादा समय लगा। में बहुत देर तक टिके रहकर अपनी भाभी को वो चुदाई का मज़ा दिया, जिसको वो पूरी जिंदगी नहीं भूल सकी। दोस्तों उस दिन भाभी और मैंने रुक रुककर, लेकिन बहुत जमकर करीब पांच बार चुदाई के पूरे मस्त मज़े लिए, जिसकी वजह से हम दोनों का दिल खुश हो गया और यह सिलसिला हम दोनों के बीच करीब चार महीने बड़े आराम से चलता रहा, जब भी मुझे और भाभी को कोई भी अच्छा मौका मिलता हम लोग जमकर चुदाई करते थे। वो हर बार मेरी चुदाई से पूरी तरह से खुश और संतुष्ट हो जाती थी, क्योंकि उन्होंने मुझे बताया था कि उनके पति को अपने ऑफिस के कामो की वजह से इतना समय ही नहीं मिलता था कि वो मेरी भाभी की प्यास को बुझा सके और वो कभी कभी चुदाई के लिए तैयार होते है और जब करने लगते है तब पता ही नहीं चलता कि उन्होंने कब अपना खेल शुरू किया और वो काम खत्म भी हो गया, इस वजह से उनको मेरे साथ अपने पति की कमी को पूरा करने में बड़ा मज़ा आता था और में भी लगा रहता, लेकिन अभी करीब दो महीने पहले ही मेरी उस भाभी ने अपना वो हमारा कमरा अब बदलकर दूसरा ले लिया है, क्योंकि उनके पति को उनकी गाड़ी को खड़ा करने में बड़ी दिक्कत आती थी, इसलिए उन्होंने अब एक ऐसी जगह पर एक मकान किराए पर ले लिया है जहाँ उनकी गाड़ी को खड़ा करने का हिसाब एकदम ठीक है। अब इस वजह से मुझे 15-20 दिन में बस एक बार उनकी चुदाई करने का मौका मिलता है और वो अच्छा मौका देखकर मुझे फोन करके अपने घर पर बुला लेती है। फिर उसके बाद हम दोनों वो काम करने लगते है और नहीं तो वो कभी कभी मेरे कहने पर मेरे घर आकर भी अपनी चुदाई के मज़े मुझसे ले लेती है। दोस्तों हमारा तो यह काम जैसा भी चल रहा है सब ठीक है जब तक चलेगा चलता रहेगा, क्योंकि अब तक तो किसी तीसरे को हम दोनों पर शक भी नहीं हुआ हुआ है और इस बात का फायदा उठाकर हम बाहर भी इधर उधर घूमने चले जाते है ।।

loading...

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


सेक्स स्टोरीजसोती बहन की सलवार खोली बीडीओ कोलड का पानी बहनों को पिलायाsexi story hindi mfree sex stories in hindihinde sexi storeBahan ki चूतड़hinde sexy sotrywww.tum jse chutyoka sahara hye dosto mp3 song.insexstori hindiXxx suit capal fist time sexbro ne muje mere dosto se chudi krte huye fara sexy stories hindijaipur wali bhabhi ne sub kuch sikayaHINDE SEX STORYनींद की गोलियां kilaka chut chodiमामा ने चुत मे उगलि दीhindi sexstoreisमम्मी चुदाई के लिए अब रेडी हो गई थीजबरदस्ती बुरी तरह चुदाई की कहानी इन हिंदीMut pilakar chodo hindi storyhimdiovies qayamatsexsi stori in hindisex story jabardasti nashaMummyjikichutreading sex story in hindisex sexy kahaniसैकसी हीनदी कहानियाsexi hindi kathasext stories in hindiघर पर नौकर ने सील तोड़ीhindi sex storefree hindi sex kahaniभाभी के चूद के बाल काटके चोदा सेकसी काहानीSekx story is new newHindi sexy story नींद की गोलियां kilaka chut chodiTadpati chootsex new story in hindisex story hindi fonthindi sex sto//radiozachet.ru/bhabhi-ne-devar-ko-fasaya/घर कि बात चूदाई कहानियाँhindi sex story hindi languageहिंदी भाभी पीरियड सेक्स स्टोरीबाप ने बेटी मामा ने माँ को चोदाhindi sex stories to readRandiki gandka bada hnl kardiya videosexkahaniyaदोनों मामियो के एक साथ चोदन कहानीsaxy store in hindepapa sex steri Hindihendhi sexsex hinde storemom ne apni chut ka ras nanad ko pilayameri chut ki maal chudai ki kahani in Hindi fontsexy stori in hindi fontsexy kahaniyamausi ke fati salwersexy story read in hindihindi sexy khanineend ki goli dekar chachi ki dhamakedar chudai kahanisex story download in hindisaxe Bhabhi k bare meमद मस्त जवानी सेक्सी मूवी वीडियो डाउनलोड के साथhindi sex kathaसेक्सी हिंदी सेक्सीकहाणीdidi ki fati huvi painty hindiकामवाली बाई के दूदू दिखेने देखा ममी पापा का खेल की sex sexy kahanimami ki chodi