ग्राहक की मस्त बीवी को जमकर चोदा


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प्रेषक : अशोक …

हैल्लो दोस्तों, आज में आप सभी को अपनी आज की कहानी में बताने जा रहा हूँ कि मैंने अपने एक ग्राहक की पत्नी को कैसे चोदा? यह मेरे जीवन की सबसे मज़ेदार चुदाई थी, क्योंकि उस अनुभवी औरत ने भी उस पूरे खेल में मेरा पूरा पूरा साथ दिया। दोस्तों में एक फैक्ट्री का मालिक हूँ, मेरी कपड़े की फैक्ट्री है और में किसी को भी माल उधार में नहीं देता हूँ, लेकिन मेरा एक पुराना ग्राहक जो कई सालों से मुझसे माल ले जाता था, उसको में बहुत उधार भी दे देता था और वो वैसे मेरा दोस्त जैसा भी बन गया था। दोस्तों उसकी पत्नी नीलम बहुत सुन्दर थी, उसकी लम्बाई करीब 5.2 इंच, दुबलीपतली, लम्बी, गोरी थी, उसको देखकर मेरा मन करता था कि किसी दिन अगर यह मुझे चोदने को मिले जाए तो मेरा जन्म सफल हो जाए। फिर एक बार उसके ऊपर मेरे चार लाख रुपए बाकि हो गये और वो मेरे पास रोते हुए आया, तब मैंने उसको पूछा कि क्या बात है राजू? रो क्यों रहे हो? तब राजू बोला कि में लूट गया, बर्बाद हो गया और अब में तुमसे क्या कहूँ? अशोक भाई मेरी दुकान में कल आग लग गई और मेरा करीब 20 लाख का माल सारा जल गया। फिर मैंने उसको कहा कि तो क्या हुआ? बीमे से सारा पैसा मिल जाएगा, इसमे रोने की क्या बात है? अब राजू बोला कि यही तो सबसे बड़ी मुसीबत है कि मेरा बीमा अभी बीस दिन पहले ही ख़त्म हो गया था और में काम में इतना व्यस्त था कि में उसको दोबारा करना भूल गया।

अब मुझे समझ नहीं आता कि अब में क्या करूँ? फिर मैंने उसको पूछा कि कितना उधार देना बाकि है? तब राजू ने बताया कि सब लोगों का मिलाकर करीब 25 लाख बाकि है। फिर मैंने उसको कहा कि तुम अपना घर बेचकर सबकी रकम चुका दो। अब वो बोला कि मेरा घर भी किराये का है नहीं तो में उसको बेचकर सबकी उधारी चुका देता। फिर मेरे मन में उसी समय शैतान जाग उठा था और नीलम का चेहरा मेरी आँखों के सामने घूमने लगा था और वैसे मुझे चार लाख से इतना कोई फर्क नहीं पड़ता। फिर मैंने कहा कि यह तो बहुत बड़ी परेशानी की बात है, हाँ भाई राजू एक रास्ता है जिसकी वजह से तुम्हारी यह परेशानी हल हो सकती है और फिर से तुम अपनी दुकान भी चालू कर सकते हो। अब राजू खुश होते हुए बोला कि भाई साहब आप मेरी मदद करो, में तुम्हारा यह एहसान जिंदगीभर नहीं भूलूंगा। फिर मैंने उसको बोला कि इसमे एहसान वाली कोई बात नहीं है, मुसीबत में दोस्त ही दोस्त के काम आता है, तुम मेरी मदद करो में तुम्हारी मदद करूँगा। अब राजू चकित होकर बोला कि में आपकी क्या मदद कर सकता हूँ? तब मैंने उसको बोला कि देखो बुरा मत मानना, तुम्हारी पत्नी नीलम बड़ी ही सेक्सी है और में उसको चोदना चाहता हूँ।

फिर मेरे मुहं से यह बात सुनते ही राजू आग बबूला हो गया और बोला कि में तुम्हारा खून पी जाऊंगा, तुमने यह बात कैसे कही? तब में उसको बोला कि बेटा शांत तुम मेरा खून तो तुम बाद में पीओगे, उसके पहले में पुलिस को बुलाकर तुम्हें अन्दर करवाता हूँ, तुम्हारे पास बस एक यही रास्ता है, घर जाओ और शांत दिमाग से सोचो तुम्हें क्या मंज़ूर है? पुलिस या नीलम की मेरे साथ चुदाई। फिर राजू अपने घर चला गया, वो बहुत उदास बैठा और तब नीलम ने उसको पूछा कि क्या हुआ?

राजू : तुम मुझे बस 100 रुपये लाकर दे दो, में जहर खाकर मर जाना चाहता हूँ।

नीलम : क्या आप पागल जैसी बात कर रहे हो? तुम एक मर्द हो ऐसे हिम्मत नहीं हारते, लेकिन बताओ तो सही अशोक जी से तुम्हारी क्या बात हुई?

फिर राजू ने सारी बात नीलम को पूरी तरह विस्तार से बतानी शुरू कि और वो सब सुनकर नीलम एकदम से भड़क गई और बोली कि उसकी यह हिम्मत वो मेरे बारे में ऐसा कैसे सोच सकता है? में तो उसको बहुत अच्छा इंसान समझती थी, लेकिन उसकी सोच इतनी गंदी में कभी सोच भी नहीं सकती थी।

राजू : उसने कहा है कि आज शाम तक जवाब दे दो, वरना कल पुलिस तुम्हें पकड़कर ले जाएगी।

नीलम : हाए राम, अब हम क्या करे?

राजू : में अंदर हो गया तो तुम्हारा क्या होगा नीलम?

फिर वो दोनों थोड़ी देर तक चुपचाप बैठकर सोचते रहे।

नीलम : राजू अगर मुझे तुम्हारी जान बचाने के लिए मरना भी पड़े तो भी में तैयार हूँ, आप उस कुत्ते को बोल दो कि में अपनी चूत की बलि देने को तैयार हूँ।

राजू : नहीं नीलम, तुम मेरी जान हो, में ऐसा सोच भी नहीं सकता।

नीलम : तो फिर जहर खाने के अलावा और कोई रास्ता तुम्हारे पास है तो बताओ, लेकिन मरने की बात मत करना, हिम्मत रखो में झेल लूंगी और तुम अपने आपको संभालो मर्द की तरह मुसीबत का सामना करो में तुम्हारे साथ हमेशा हूँ।

फिर राजू ने बड़े दुखी मन से अशोक को फ़ोन मिलाया और कहा कि ठीक है नीलम तैयार है, बोलो कब मिलाना चाहते हो?

में : देखा मैंने कहा था ना कि हर परेशानी का हल है, आज शनिवार है, में शाम को आऊंगा और फिर हम तीनों मेरी गाड़ी में बैठकर फार्म हाउस जाएँगे और सोमवार की सुबह में तुम दोनों को वापस घर छोड़ दूंगा और हाँ नीलम रानी को बोलना जरा सेक्सी कपड़े पहनकर आए, जितना नीलम मुझे प्यार से चोदने देगी उतना ही में तुम्हारी मदद करूँगा।

फिर शाम को में अपनी गाड़ी से राजू के घर गया और राजू को मोबाईल पर बोला कि जल्दी नीचे आ जाओ, में आ गया हूँ। फिर राजू और नीलम नीचे आ गए। अब नीलम एकदम घबराई हुई राजू के पीछे थी, लेकिन जैसा मैंने कहा था नीलम वैसे ही बड़ी सेक्सी कपड़े पहनकर आई थी, उसने गहरे गले का टॉप और नीले रंग की जींस पहनी थी और में नीलम को पहली बार उस रूप में देखकर पागल हो गया और मेरा लंड वहीं पर फनफनाने लगा था। दोस्तों उसके बड़े आकार के बूब्स जो कि उसके टाईट टॉप से बाहर निकलने को तड़प रहे थे और पतली कमर, उसके मोटे कुल्हे ऐसे लग रहे थे जैसे ऐश्वर्या राय खड़ी हो। फिर मैंने मन ही मन सोचा कि चार लाख में सौदा घाटे का नहीं है, दो दिन तक में इसकी बहुत जमकर चुदाई करके अपना पूरा पैसे वसूल करूँगा, क्योंकि अब तक रंडीयाँ मैंने बहुत बार चोदी है, लेकिन घरेलू माल का मज़ा आज मुझे पहली बार मिलने वाला है।

में : राजू तुम पीछे की सीट पर बैठो और नीलम जान को आगे बैठने दो।

अब वो मेरी हर बात मानने को मजबूर थे और में राजा की तरह उन दोनों पर हुक्म चला रहा था। फिर नीलम आगे बैठ गई और अपनी जींस को नीचे सरकाकर अपनी जांघे ढकने की असफल कोशिश करती रही। अब उसको इस हालत में देखकर मुझे और भी मज़ा आ रहा था और में मन ही मन में सोच रहा था कि क्यों छिपाने की कोशिश कर रही हो? थोड़ी देर के बाद तो तुम्हें यह दो दिन तक के लिए उतारकर नंगी ही रहना है। फिर मैंने रास्ते में दारू की दुकान पर गाड़ी रोकी और नीलम से पूछा कि तुम क्या पीओगी? तब नीलम बोली कि में नहीं पीती हूँ। फिर मैंने उसको पूछा क्या आज तक तुमने किसी और से चुदवाया है? नहीं ना, लेकिन आज चुदवाओगी, तो ऐसे ही आज पी भी लेना, लेकिन नीलम चुप रही। फिर मैंने राजू को 2000 रुपये दिए और कहा कि जाओ दुकान से एक बोतल लेकर आओ और साथ में तीन सोडा बोतल और कुछ खाने को (जो भी हमारी नीलम रानी को पसंद हो) लेकर आओ। फिर राजू गाड़ी से नीचे उतरा और मैंने नीलम की जांघो पर अपना एक हाथ रख दिया। अब वो अपने हाथ से मेरे हाथ को हटाने लगी, उसकी गोरी-गोरी मख्खन जैसी चिकनी जांघो और हाथ को छुकर मेरे पूरे बदन में करंट सा लग गया था।

फिर में बोला कि नीलम रानी राजू के ऊपर करीब 25 लाख का कर्जा है, तुम जितने प्यार से मेरे साथ चुदवाओगी उतनी ही राजू की परेशानी कम होगी, मैंने रंडियाँ बहुत चोदी है, लेकिन तुम्हारी तो बात ही कुछ अलग है, मुझे जबरदस्ती करना पसंद नहीं और देखो में कोई काला मोटा भैसे जैसा तो दिखता भी नहीं हूँ, में राजू से ज्यादा गोरा, अच्छा भी लगता हूँ, तुम मेरे साथ मज़ा लो और मुझे भी मज़ा दो, लेकिन बहन की लोडी नीलम कुछ नहीं बोली और शीशे से बाहर की तरफ देखती रही। अब में उसको बोला कि डरो नहीं नीलम में तुम्हें राजू के सामने ही चोदूंगा और प्यार से सब कुछ करूंगा। फिर यह सब सुनकर नीलम और ज्यादा उदास हो गई कि राजू उसको चुदते हुए कैसे बर्दाश्त करेगा? और अब में जानबूझ कर राजू के सामने ही नीलम को चोदने वाला था। फिर राजू सामान लेकर आया और मैंने गाड़ी को फार्म हाउस की तरफ बढ़ा दिया। फिर फार्म हाउस पहुँचकर मैंने नौकर को बढ़िया खाना बनाने के लिए कहा। अब में, नीलम और राजू सोफे पर जाकर बैठ गये, उसके बाद मैंने तीन गिलास में विस्की डाली और जबरदस्ती नीलम और राजू को पीने के लिए दिया, तब राजू बोला कि में बाहर अलग जाकर बैठ जाता हूँ।

में : राजू यहीं बैठो हमारे साथ और एकदम निश्चिंत होकर तुम भी मज़े लो यार और वैसे आज तक मैंने बलात्कार नहीं किया, जिसको भी चोदा है बड़े प्यार से आराम से चोदा है, अगर नखरे करने हो तो तुम दोनों जा सकते हो, वरना नीलम रानी जैसे राजू से चुदवाती हो वैसे ही आज मुझे भी अपना पति समझकर चुदाई करवाओ। अब राजू देखो आज में तुम्हें तुम्हारी पत्नी को नए अंदाज में दिखाऊंगा, आज तक तुमने भी नीलम जान को इस तरह नहीं देखा होगा, तब भी राजू चुप रहा।

अब में उसके सामने ही उसकी पत्नी को चोदने वाला जो था। फिर में उसको बोला कि नीलम रानी जरा नाचकर अपने एक-एक कपड़े उतारकर अपनी जवानी हमें भी दिखा दो, बहुत देर से तड़पा रही हो। फिर मैंने एक सेक्सी गाना लगाया और कहा कि नीलम शुरु जाओ। तब नीलम ने नाचना शुरू किया, लेकिन अपने कपड़े नहीं उतारे और तब मैंने राजू से कहा कि राजू अब तुम नीलम का टॉप निकालो, क्योंकि अभी इसकी शरम खत्म नहीं हुई है और मेरी तरफ फेक दो। तभी राजू उठा और नीलम के पास जाकर उसका टॉप निकाला और मेरी तरफ फेक दिया। अब में उसके टॉप को चूमने लगा था, उसके शरीर की नशीली सुगंध उसके टॉप से आ रही थी। फिर मैंने राजू को नीलम की जींस को भी उतारने के लिए कहा और उसको भी सूंघकर नीलम से कहा कि जीओ मेरी नीलम जान मज़ा आ गया और फिर मुझे अचानक से एक फिल्म का द्रश्य याद आ गया। अब नीलम सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी, मैंने राजू से कहा कि अब तुम बैठ जाओ और नीलम तुम अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर पूरे हॉल का एक चक्कर लगाओ। फिर जैसे ही नीलम मेरे पास आई और आगे बढ़ी, मैंने पीछे से उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और उसकी ब्रा को सूंघने और चूमने लगा और फिर उसकी ब्रा को राजू की तरफ फेक दिया।

फिर मैंने उसको कहा कि सूंघो और चूमकर देखो, आज तक तुमने कभी अपनी पत्नी की ब्रा नहीं सूंघी और चूमी होगी, बोलो चूमी है क्या? तब राजू ने ना कहते हुए अपनी गर्दन को हिलाया। अब नीलम वहीं पर खड़ी थी, मुझसे रुका नहीं गया तो मैंने उसकी पेंटी में अपना एक हाथ डालकर उसकी चूत को सहला दिया और एक झटके में उसकी पेंटी को नीचे करके उतार दिया। अब नीलम पूरी नंगी हो चुकी थी, वाह क्या बला की सुंदर संगमरमर की मूर्ति? उसके पूरे शरीर पर एक भी बाल नहीं थे और उसकी चूत पर बालों का बड़ा सा गुच्छा बड़ा मादक लग रहा था। दोस्तों नीलम का पूरा बदन एकदम गोरा रुई की तरह मुलायम था, हाथ लगाओ तो मैली हो जाए वो ऐसी थी। फिर मैंने राजू से कहा कि तुम इसके बूब्स पर विस्की डालो और में पीऊंगा। अब राजू मरता क्या? नहीं करता, एक चम्मच से विस्की डाल रहा था और में पी रहा था और धीरे-धीरे उसके बूब्स को पी रहा था। अब जरा ज़ोर से उसके बूब्स पर अपने दांत लगाने से नीलम कसमसा पड़ी और बोली कि प्लीज धीरे-धीरे कीजिए ना दर्द हो रहा है। फिर मैंने पूछा कि कहाँ दर्द हो रहा है? तब वो चुप रही। फिर मैंने उसके बूब्स को काटा और कहा कि भोसड़ी की जब तक नहीं बोलेगी में काटता ही रहूँगा। अब नीलम बोली कि मेरे बूब्स में आपके काटने से दर्द हो रहा है।

फिर मैंने राजू से नीलम की चूत पर विस्की डालने को कहा और अब राजू चम्मच से विस्की नीलम की चूत में डाल रहा था और में उसकी चूत के पानी के साथ मिली हुई विस्की का आनंद ले रहा था। दोस्तों कभी आप लोग भी एक बार यह सब आजमाकर देखना आपको एकदम सोमरस जैसा मज़ा आएगा और फिर मैंने उसकी चूत के दाने को भी अपने मुँह में लेकर चूसते-चूसते काट लिया। अब नीलम एक बार फिर से बोली कि दर्द हो रहा है तब मैंने पूछा कि कहाँ? और जब तक नहीं बोलोगी में काटता ही रहूँगा, खा जाऊंगा तेरी माँ की चूत को। अब नीलम बोली कि मेरी चूत में बड़ा तेज दर्द हो रहा है, प्लीज धीरे-धीरे चाटो। फिर में जानबूझ कर उसकी शमर को खत्म करने के लिए उसके मुहं से चूत बूब्स लंड वो सभी शब्द बुलवा रहा था। अब में उसको बोला कि राजू अब तुम इसकी चूत को चाटो और उसी समय राजू नीलम की चूत को चाटने लगा था। फिर में उसको बोला कि यह तो बड़ी ना इंसाफी है, एक लड़की पूरी नंगी है और दो मर्दों ने अभी तक अपने कपड़े नहीं निकाले है, नीलम बेचारी को शरम तो आएगी ही ना, नीलम तुम मेरे पास आओ और मेरे कपड़े उतारो, लेकिन नीलम खड़ी ही रही।

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फिर मैंने गुस्से से कहा कि मादरचोद ऐसे नखरे चोद रही है, जैसे आज तक किसी मर्द को नंगा नहीं किया हो, क्यों बे राजू तुने क्या आज तक नीलम को चोदा नहीं? क्या यह शादी के बाद भी अब तक कुंवारी चूत का माल है? बहनचोद चल निकाल मेरे कपड़े। अब वो मेरे गुस्से से डर गई और मेरे पास आकर उसने मेरी टीशर्ट को उतारा और मेरी पेंट को भी निकालकर रुक गई। फिर में चिल्लाया तेरी गांड में कुत्ते का लंड डालूं साली, मेरी अंडरवियर क्या तेरी बहन आकर निकालेगी? हाँ याद आया नीलम तेरी एक कुंवारी बहन भी है ना, बड़ी ज़ोर की कड़क माल है, क्यों बे राजू? क्या नाम है तेरी साली का? तब राजू बोला कि उसका नाम मंजू है, लेकिन उससे आपको क्या लेना देना? तब मैंने बोला कि अच्छा जी अकेले-अकेले साली को चोदेगा, चलो मंजू को बाद में चोदेगे आज तो नीलम की चूत के मज़ा लिए जाए, नीलम चलो अच्छी बच्ची की तरह मेरी अंडरवियर को उतार दो। तब नीलम ने मेरी अंडरवियर को भी उतार दिया। अब मेरा सात इंच का पूरा खड़ा कड़क लंड देखकर नीलम के मुँह से चीख निकल गई। फिर मैंने उसके चेहरे का उड़ा हुआ रंग देखकर उसको पूछा कि क्या हुआ नीलम रानी डर गई क्या? चल अब राजू के भी कपड़े उतार दे।

फिर जब राजू नंगा हुआ, तब मैंने देखा कि उसका लंड छोटा सा था और इसलिए शायद नीलम ने जब मेरा लंड पहली बार देखा था, तब वो देखकर चकित होकर चीख पड़ी थी। अब में बोला क्यों नीलम इतने छोटे लंड से तुझे क्या मज़ा मिलता होगा? और फिर मैंने नीलम के बाल कसकर पड़कर खीचे, दर्द की वजह से उसका मुँह खुला और मैंने तुरंत ही उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया, में उसके मुँह की चुदाई करने लगा था। फिर में उसको बोला कि नीलम जरा तुम भी मेरा साथ दो और अपने मुँह से मेरा लंड चूसो। अब नीलम धीरे-धीरे मेरा लंड चूसने लगी थी और में उसके बूब्स को मसलने लगा था, तब में उसको बोला कि काट साली लंड को, धीरे-धीरे काट और मज़े से लंड चूस, आज तुझे असली लंड से चुदाई का मज़ा मिलेगा, आज के बाद तू खुद भागी-भागी आएगी और मुझसे कहेगी कि अशोक जी मुझे चोदो और अब तू मस्ती में आजा और मज़ा ले और मज़ा दे। अब नीलम और भी जल्दी आगे पीछे करके मेरा लंड चूस, मेरे टोपे की चमड़ी को अपने मुँह से आगे पीछे करके चूस और अब मेरे आंड भी अपने मुँह में ले, यह आंड बेचारे ना चूत और ना गांड का मज़ा ले सकते है, तू कम से कम इनको अपने मुँह में लेकर तो चूस, नीलम आह्ह्ह चूस और चूस, बस मेरा निकलने वाला है।

फिर मैंने अपना पूरा लंड उसके गले तक डाल दिया और अपने रस की पिचकारी को मैंने नीलम के मुँह में ही छोड़ दिया। अब जब तक नीलम ने मेरा पूरा रस नहीं पी लिया मैंने तब तक अपना लंड उसके मुहं से बाहर नहीं निकाला। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकालकर नीलम से कहा कि अब अपनी जीभ से मेरे पूरे लंड को साफ करो। अब उसने मेरे लंड पर लगे वीर्य रस को अपनी जीभ से चाट लिया उसके बाद में सोफे पर बैठ गया और नीलम को मैंने अपनी गोद में बैठा लिया और अपनी गोद में बैठाकर उसको मैंने बहुत प्यार किया और राजू से बोला कि जाओ तुम नौकर से बोलो कि वो हमारे लिए खाना लगा दे और सुनो नंगे ही जाना दो दिन तक यहाँ कोई भी कपड़े नहीं पहनेगा, सब नंगे ही रहेंगे। फिर राजू नौकर के पास गया, तब मैंने नीलम का मुँह अपने हाथ में लेकर उसको प्यार करते हुए पूछा कि नीलम सच बताना तुम्हें मेरा लंड कैसा लगा? और यही पूछने के लिए मैंने राजू को थोड़ी देर के लिए बाहर भेजा है। अब नीलम भी नशे में थी और मेरे लंबे लंड का सुरूर और राजू भी नहीं था, तब उसने पहली बार मुझे चुम्मा किया और बोली कि आपके लंड जितना लंबा मोटा लंड तो भाग्यवान चूत को ही मिलता है, लेकिन राजू के सामने में कैसे इसको प्यार करूँ? आप कमरे में अकेले मुझे चोदो तब मुझे भी बड़ा मस्त मज़ा आएगा।

फिर मैंने उसको कहा कि नहीं राजू तो सामने ही रहेगा और तुम देखना थोड़ी देर के बाद तुम अपने आप मज़े से चुदवाओगी राजू की भी शरम नहीं करोगी, क्योंकि यह मेरा दावा है, मुझे अपने लंड पर इतना भरोसा है। अब नीलम मेरी बातों से खुश होकर मेरे होंठ को अपने होंठो में लेकर चूसने, काटने लगी थी और अब में भी अपनी जीभ से उसकी जीभ को प्यार करने लगा था। अब हम दोनों उस आलिंगन में चिपके हुए एक दूसरे के शरीर में समाने की कोशिश कर रहे थे। तभी राजू आया, तो नीलम ने प्यार करना बंद कर दिया और वो यह जताने लगी जैसे में ही उसको प्यार कर रहा था और वो मज़बूरी में मेरी गोद में बैठी थी। फिर नौकर खाना लेकर आया और अब वो तिरछी नजरों से नीलम के शरीर का मज़ा ले रहा था, मैंने उसको सोफे के सामने की टेबल पर ही खाना लगाने को कहा, लेकिन अब भी उसकी नजर लगातार नीलम पर ही थी। अब वो अपनी ललचाई नजरों से नीलम को मन ही मन चोद रहा था। अब मुझे उसकी पेंट में उसका खड़ा हुआ लंड साफ नजर आ रहा था, तभी में बोला कि रामू चुपचाप खाना लगा, यह कोई रंडी नहीं है राजू की पत्नी है, यह तुझे चोदने को नहीं मिलेगी और अगर तेरे लंड में इतनी ही खुजली हो रही है तो बाहर से किसी रंडी को बुलाकर चोद ले।

अब इस मस्त माल का सिर्फ में ही इस्तेमाल करूँगा और इसके पूरे मज़े भी लूँगा, तब नौकर मेरे मुहं से यह बात सुनकर बाहर चला गया। फिर मैंने नीलम से कहा कि जब भी में यहाँ रंडी लाकर चोदता हूँ, तब मुझे इस नौकर को भी रंडी चोदने के लिए देनी पड़ती है, नहीं तो यह मेरी पत्नी को बोल देगा इसका डर रहता है, लेकिन तुम चिंता मत करो में तुम्हें नौकर से नहीं चुदवाऊंगा। फिर मैंने तीन विस्की के गिलास भरे और अब मैंने नीलम को अपनी गोद में ही बैठाए रखा था और फिर अपने गिलास से उसको विस्की पिलाई और फिर उसको कहा कि वो अपने गिलास से मुझे विस्की पिलाए। फिर उसने मेरी गर्दन के पीछे अपना एक हाथ डालकर पकड़ा और अपने दूसरे हाथ से मुझे विस्की पिलाई। अब विस्की पिलाते समय उसके मोटे-मोटे कड़क बूब्स मेरी छाती पर चुब रहे थे और अब में नीलम को ज़ोर से पकड़कर दबाने लगा था। फिर मैंने नीलम का एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा और कहा कि जान जरा इसको भी खुश कर दो। फिर नीलम ने पहली बार बड़े प्यार से मेरे लंड को पकड़ा और मेरे लंड से ऐसे खेलने लगी जैसे कोई छोटा बच्चा किसी खिलोने से खेल रहा हो। फिर हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे को विस्की पिलाते रहे और में उसके बूब्स को अपने हाथों से, मुँह से मसलता रहा।

फिर जब मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डाला तब मुझे छुकर ऐसा लगा कि जैसे उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी है। अब मैंने अपनी उंगली से उसकी चूत का रस बाहर निकालकर विस्की के गिलास में अपनी ऊँगली हिलाकर मिला दिया और फिर उस विस्की का स्वाद वाह-वाह मज़ा आ गया था। फिर मैंने नीलम की चूत में दोबारा से अपनी एक उंगली को डालकर उसकी चूत का रस निकाला और राजू को अपनी उंगली चटाई और उसको बोला कि ले भड़वे चाट ले अपनी पत्नी की चूत का रस और फिर मैंने भी नीलम की चूत का रस चाटा। दोस्तों में सच कहता हूँ, नीलम की चूत रस का स्वाद बड़ा ही मज़ेदार था। फिर मैंने नीलम को मेरी गोद में इधर उधर पैर करके बैठने को कहा, तब वो मेरे ऊपर बैठकर अपने दोनों पैरों को मेरी गांड के पीछे करके मुझे कसकर भीचकर बैठ गई। अब मैंने नीलम की चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया, लेकिन मेरा लंड थोड़ा सा अन्दर जाते ही नीलम बोली कि बस करो और मत डालो, वरना मेरी चूत फट जाएगी। अब नीलम बड़ी नशे में थी और खुलकर वो सभी शब्द बोलने लगी थी। फिर मैंने उसको चूमना प्यार करना शुरू किया और धीरे-धीरे उसकी चूत में अपने लंड को अन्दर डालता भी रहा और बोला कि मेरी रानी डरो नहीं और तुम मुझे प्यार करती रहोगी तो दर्द भी नहीं होगा।

अब में तो आज पूरा लंड ही डाल दूंगा, अगर तुम प्यार करती रहोगी, तो तुम्हें दर्द के बदले मज़ा मिलेगा, अब तुम्हारी मर्ज़ी है तुम्हें क्या चाहिए? फिर नीलम ने राजू की तरफ से शरम को छोड़ दिया और वो मुझे कसकर प्यार करने लगी और फिर मैंने भी अपना पूरा सात इंच लंबा और तीन इंच मोटा लंड नीलम की चूत में डाल दिया। दोस्तों मैंने देखकर महसूस किया कि उसकी चूत राजू के छोटे पतले लंड से चुदी होने की वजह से एकदम कड़क थी, कसम से मुझे उसकी चुदाई करते समय ऐसा लग रहा था कि में पहली बार उसकी सील को तोड़ रहा हूँ, ऐसी चूत तो जिंदगी में अपनी पत्नी के बाद किसी और की पहली बार चोदने को मुझे मिली थी। अब में नीचे था और नीलम मेरे ऊपर थी, मैंने उसके होंठ अपने होंठो में दबा रखे थे और उसको कहा कि ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाकर चोदे। फिर करीब दस मिनट तक चोदने के बाद नीलम थककर रुक गई, मैंने उसको अपनी गोदी में कसकर पकड़ लिया और फिर हम दोनों खड़े हो गये, ताकि लंड चूत से बाहर ना आ जाए और फिर नीलम को सोफे पर लेटाकर में उसके ऊपर चढ़ गया और धक्के मारने लगा था।

अब नीलम पूरी मस्ती में थी और वो बड़बड़ाने लगी अशोक जी चोद दो मुझे आह्ह्ह्ह हाँ चोदो मुझे जमकर आज आपके लंड से मुझे एक अलग ही मज़ा आ रहा है, राजू देख तेरी चूत का आज फटकर भोसड़ा बन गया है। अब आजा तू भी पास में, आजा अपना लंड मेरे मुँह में दे दे। फिर वो बात सुनकर राजू ने भी पास आकर अपना लंड नीलम के मुँह में दे दिया और वो उसको प्यार से चाटने चूसने लगी थी। अब में उसकी चूत में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था, कुछ देर बाद मैंने नीलम को घोड़ी बनने को कहा और तब नीलम तुरंत घोड़ी बन गई। फिर मैंने उसकी गांड देखी और अपनी एक उंगली को अंदर डाला, लेकिन मेरी उंगली अंदर ही नहीं जा रही थी। अब मैंने कोई बात मन ही मन में सोचकर सोचा कि अब बड़ा ही मस्त मज़ा आएगा, क्योंकि इसकी गांड भी एकदम सील पैक है। तभी नीलम बोली कि यह आप क्या कर रहे हो? तब मैंने उसको बोला कि में तेरी गांड मारूंगा। फिर वो बात सुनकर नीलम ज़ोर से चिल्लाने लगी और बोली कि नहीं गांड में मत मारो। अब में उसको बोला कि नीलम गांड मारने के लिए मेरे जैसा कड़क लंबा लंड चाहिए, राजू का छोटा मरियल सा लंड कभी भी तेरी गांड नहीं मार पाएगा।

अब यह सुख और यह मज़ा तो में ही तुझे आज जरुर दूंगा, तू घबरा मत जितना दर्द चूत की सील टूटने पर हुआ था उतना ही दर्द पहली बार होगा और फिर मज़ा ही मज़ा मेरी नीलम रानी। फिर मैंने कहा कि नीलम मेरा लंड अपने मुँह में लेकर थोड़ा सा थूक मेरे लंड पर लगा दो, ताकि मेरा लंड चिकना हो जाए। फिर नीलम ने तुरंत मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर पांच मिनट तक चूसकर गीला कर दिया, उसके बाद मैंने खुश होकर नीलम की गांड के पास अपने लंड को ले जाकर चार-पांच बार अपने लंड से उसकी गांड के ऊपर थपथपाया और फिर अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर लगाकर एक धक्का दिया। अब मेरा लंड अंदर घुसने का नाम ही नहीं ले रहा था और बड़ी मुश्किल से थोड़ा सा लंड का टोपा ही उसकी गांड के अंदर गया था और नीलम दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्लाने लगी थी। फिर मैंने सोचा कि ऐसे काम नहीं बनेगा, मैंने लंड को बाहर निकालकर उस पर थोड़ा सा मख्खन लगाया और फिर नीलम की गांड के छेद पर अपने लंड को सेट करके ज़ोर से एक झटका मार दिया। फिर इस बार मेरे लंड का पूरा टोपा गांड के अंदर घुस गया। अब नीलम उस दर्द की वजह से चिल्ला रही थी आह्ह्ह्ह में ऊउईईईईइ माँ मर गई, गांड से लंड को बाहर निकाल लो।

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फिर उसको चिल्लाते हुए देखकर मेरा जोश और ज्यादा बढ़ गया था और फिर मैंने तुरंत तीन-चार झटके लगातार मारे तब उस वजह से मेरा बड़ा लंड उसकी गांड के अंदर चला गया। दोस्तों नीलम की गांड अब फट चुकी थी और उसमे से खून भी निकल आया और अब उस खून को देखकर मेरे सर पर और भी ज्यादा जूनून सवार हो गया और में नीलम की गांड में तेज धक्के मारने लगा और वो चिल्लाती रही आह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ में मर गई रे मेरी मां जालिम छोड़ दे, आह्ह्ह ऊहहहह प्लीज निकाल लो, मुझे जाने दो छोड़ दो, तुम मेरी चूत जितनी चाहो चोद लो, लेकिन मेरी गांड से बाहर निकाल लो मुझे बहुत दर्द हो रहा है और अब वो रोने लगी थी और में उसकी गांड को वैसे ही धक्के मारता रहा और फिर में राजू से बोला कि मादरचोद अपनी पत्नी को प्यार कर, देख यह रो रही है तू चुप करा इस कुतिया को, इसके बूब्स को दबा और मुँह में लेकर चूस। फिर राजू नीलम के बूब्स को दबाता रहा जिसकी वजह से कुछ देर बाद ही राजू का लंड भी इतने में खड़ा हो गया था। फिर राजू ने घोड़ी बनी हुई अपनी पत्नी के मुँह में अपना लंड दे दिया और फिर राजू उसके मुँह में अपने लंड को डालकर धक्के देते हुए उसको चोदने लगा था और में नीलम की गांड में धक्के पे धक्के मारता रहा।

फिर करीब बीस मिनट के बाद मेरे लंड ने एक लंबी सी पिचकारी उसकी गांड में ही छोड़ दी और फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला और राजू से बोला कि चल नीलम की गांड चाट ले, उसको कुछ ठंडक मिल जाएगी और फिर मैंने राजू से उसकी गांड चटवाई। अब मेरा लंड भी नीलम की गांड मारकर छिल गया था और मुझे बड़ी थकान भी महसूस हो रही थी। फिर में नीलम को अपने से चिपकाकर वही सोफे पर लेट गया और नीलम भी सो गई। अब मेरा एक हाथ नीलम की चूत पर था और मैंने अपना लंड उसके हाथ में पकड़ा रखा था और अब हम दोनों के मुँह एक दूसरे से चिपके हुए थे और राजू सोफे के पास जमीन पर ही सो गया था। अब जब हम सोए हुए थे, तभी मेरे दो दोस्त अंकित और रॉकी मेरे फार्म हाउस पर आ गए और उन्होंने नीलम और मुझे नंगे एक साथ में चिपके हुए और मेरा लंड नीलम के हाथ में पकड़े हुए की फोटो खींच ली। फिर जब हम बहुत देर के बाद उठे, तब उन दोनों को देखकर चकित हो गये। अब नीलम शरम से अपने एक हाथ से अपने बूब्स को और अपने एक हाथ से अपनी चूत को छुपाने की कोशिश कर रही थी।

तभी रॉकी बोला कि भाभी हम सभी कुछ देख चुके है और मोबाईल से हमने बहुत सारी फोटो भी खीच ली है, अब क्यों अपने बूब्स और चूत को छुपा रही हो? हमने आपकी मस्त चूत को बड़े अच्छे से देख लिया है और बस हम तुम लोगों के उठने का ही इंतजार कर रहे थे, सच्ची भाभी तुम बड़ी मस्त चुदक्कड़ माल हो। फिर वो मुझसे बोला कि क्यों बे अकेले-अकेले चोद रहा है क्या यही तेरी दोस्ती है? बहन के लंड बोल तो तेरी पत्नी को जाकर यह सब फोटो दिखा दूँ, भाभी तुझे नीलम के साथ नंगा देखकर बड़ी खुश होगी। फिर में हंसकर बोला कि क्या यार तुम भी ना नाराज हो गये? अरे तुम भी नीलम को चोद लेना, अभी तो कल तक हम यही है। तब नीलम बोली कि नहीं में किसी से नहीं चुदवाती, में क्या कोई रंडी हूँ क्या? फिर मैंने उसको बोला कि नीलम मेरी जान और कोई रास्ता भी तो नहीं है, इन मादरचोदो ने तेरी नंगी फोटो जो खींच ली है, यह तुझे चोदे बिना नहीं मानेगे और नीलम सच बोलता हूँ आज हम तीन लंड से एक साथ चोदेंगे तो तुझे भी स्वर्ग का मज़ा आएगा मेरी जान। दोस्तों उसके बाद हम तीनों ने नीलम की चुदाई के मज़े लिए और उसने हम सभी का साथ दिया ।।

धन्यवाद …

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