देवर ने चूत की चटनी बनाई


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प्रेषक : मिनी …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मिनी है, में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालो के लिए अपनी एक सच्ची चुदाई की कहानी लेकर आई हूँ। दोस्तों मेरी आज की इस कहानी में मैंने और मेरी छोटी बहन ने मेरे देवर से अपनी चुदाई के बड़े मस्त मज़े लिए और हम दोनों पूरी तरह से उस चुदाई की वजह से संतुष्ट हुए, क्योंकि मेरे देवर ने हम दोनों को चोदने में अपनी तरफ से कोई भी कमी नहीं छोड़ी। फिर मेरी बहन के साथ उसने मेरी भी चूत को चोदकर शांत किया और अब में अपने साथ अपनी बहन का भी परिचय आप लोगो से करवाते हुए, अपनी आज की कहानी को शुरू करती हूँ। दोस्तों मेरी शादी कुछ समय पहले ही मोहन नाम के एक लड़के के साथ हुई है, में अपने पति के साथ बहुत खुशी से रह रही थी, मुझे कोई भी परेशानी अब तक नहीं थी। मेरी एक छोटी बहन है, जिसका नाम सीमी है और उसकी शादी करन नाम के लड़के के साथ हुई है, वो मुझसे बस एक साल ही छोटी है और हम दोनों की शादी एक साथ ही हुई थी। दोस्तों हमारी शादी हुए अभी पांच महीने ही हुए थे कि सीमी एक बार दस दिनों के लिए मेरे घर आई, मेरे घर में मेरे अलावा मेरे पति मोहन और मेरा एक देवर जिसका नाम राजू है, बस हम तीन लोग ही रहते थे।

दोस्तों राजू की उम्र बीस साल है और वो दिखने में बहुत ही अच्छा लगता है और वो एक बहुत ही चंचल स्वभाव का लड़का है। फिर वो अपने चंचल स्वभाव मस्ती मजाक करने की आदत की वजह से मुझे हमेशा ही छेड़ता और मेरे साथ बहुत मस्ती मजाक करता है, इसलिए मुझे भी उसके छेड़ने में मुझे बहुत मज़ा आता और में भी कभी कभी उसको छेड़ देती हूँ। दोस्तों मेरे पति मोहन उसको बहुत अच्छा प्यारा लड़का मानते है और मेरी नजर में भी वो अच्छा ही है। फिर जब उन दिनों मेरी छोटी बहन सीमी हमारे घर आई कुछ घंटे निकल जाने के बाद राजू ने सीमी को भी उसी तरह से छेड़ना शुरू कर दिया, जैसे वो हमेशा मुझे छेड़ता है, लेकिन फिर सीमी को भी उसका छेड़ना अच्छा लगने लगा था। अब वो भी राजू को छेड़ने लगी थी और सीमी के आने के दूसरे ही दिन मोहन को अपने ऑफिस के किसी जरूरी काम की वजह से करीब 15 दिनों के लिए बाहर जाना पड़ा और इसलिए दूसरे दिन जल्दी सुबह करीब पांच बजे मोहन बाहर चले गये। फिर मोहन के चले जाने के बाद, अब पूरे घर में हम तीन लोग ही रह गए, में और मेरी बहन आपस में बातें करने लगे और बातों ही बातों में सीमी ने मुझसे कहा कि राजू बड़ा ही मस्त सुंदर दमदार लड़का है।

दोस्तों में और सीमी हम दोनों बहुत ही सेक्सी है और हमे सेक्स करने में शुरू से ही बहुत रूचि रही है और अब मैंने उसकी उस बात का थोड़ा सा मतलब समझकर उसको पूछा कि इस बात से तेरा क्या मतलब है? कहीं तू राजू से अपनी चुदाई करवाने की बात तो नहीं सोच रही है? वो कहने लगी कि इसमे क्या बुराई है? वैसे भी तो आज से मोहन भी तो दो सप्ताह के लिए बाहर गये है और घर में हम दोनों के अलावा बस अब राजू ही है। अब मैंने उसको कहा, लेकिन उसको इस काम को करने के लिए पटाया कैसे जाए? कहीं उसने मोहन को बता दिया तो क्या होगा? सीमी बोली अगर वो मोहन से कुछ भी कहेगा तो हम कह देंगे कि हम उसको मजाक में छेड़ रहे थे और वैसे भी जीजा जी बहुत अच्छी तरह से जानते है कि हम सभी में मजाक मस्ती एक दूसरे को छेड़ना चलता ही रहता है। फिर वो तुरंत ही समझ जाएँगे कि हम दोनों क्या कर रहे थे? मैंने कहा कि हाँ ठीक है चलो अब हम उसके कमरे में चलते है। दोस्तों मोहन की शुरू से आदत थी कि वो हमेशा अपने सारे कपड़े उतारकर केवल एक लूँगी पहनकर सोता था। फिर जब हम उसके कमरे में पहुंचे, सीमी कि राजू पर अपनी पहली नज़र पड़ते ही उसने अपने मुहं पर हाथ रख लिया, क्योंकि सीमी उस समय आगे थी और में उसके पीछे चल रही थी।

अब मैंने सीमी से पूछा क्यों क्या हुआ? वो मुझसे कहने लगी कि तुम खुद ही देख लो और फिर जैसे ही मैंने राजू की तरफ देखा, उसके बाद मैंने भी चकित होकर अपने मुहं पर हाथ रख लिया। दोस्तों क्योंकि वो द्रश्य ही कुछ ऐसा था, जिसकी वजह से हम दोनों बहनों के होश को उड़ गए थे और में अपनी चकित आँखों से उसको घूरकर देखे जा रही थी, क्योंकि उस समय राजू की लूँगी खुलकर उसके बदन से अलग होकर पड़ी हुई थी और उसका लंड एकदम तनकर खड़ा था। अब हम दोनों आंखे फाड़ फाड़कर उसके लंड के आकार को देखकर बहुत हैरान रह गयी, क्योंकि राजू का लंड करीब पांच इंच लंबा और बहुत ही मोटा था, उसका लंड एकदम गोरा था और उसके लंड का टोपा एकदम गुलाबी था। दोस्तों ऐसा लंड मैंने आज तक कभी नहीं देखा था। उस समय राजू बहुत गहरी नींद में सो रहा था और हम दोनों खड़े होकर उसके लंड को बहुत देर तक देखते ही रहे, ऐसा करने से अब मेरी चूत गरम होकर गीली हो चुकी थी। अब मैंने सीमी से पूछा कि उसका राजू से चुदाई करवाने के बारे में अब क्या विचार है? सीमी मुझसे कहने लगी कि दीदी इससे चुदाई करवाने में दर्द तो हम दोनों को बहुत होगा, लेकिन मज़ा भी बहुत ही मस्त आएगा।

फिर वो एक मिनट चुप होकर कहने लगी आप ही देखो इसका इतना मोटा लंबा लंड हमारी चूत को बहुत अच्छी तरह से घिस घिसकर चुदाई के असली मज़ा पूरा सुख देगा और वैसे भी हमारी चूत ने आज तक इतना चुदाई का मज़ा इससे पहले कभी नहीं लिया होगा जो आज पहली बार हमे मिलने वाला है। दीदी में तो इसको अपनी चूत देने के लिए तैयार हूँ, चाहे अब कुछ भी हो जाए यह लंड मेरी चूत में जाकर मेरी चूत की प्यास को बुझाकर शांत जरुर करेगा, इस खेल में दीदी आज हम दोनों को बड़ा मस्त मज़ा आने वाला है। फिर थोड़ी देर तक उसका लंड देखने के बाद हम दोनों ने उसको नींद से जगा दिया और जब वो उठा तो उसने अपना लंड खुला देखकर वो एकदम से शरमा गया और उसने अपनी लुंगी को उठाना चाहा, लेकिन सीमी ने झपटकर उसकी लूँगी को उसके पहले ही उठा लिया था। अब वो अपना सर नीचे किए हुए अपने दोनों हाथों से अपने लंड को छुपाने की कोशिश करते हुए मुझसे बोला कि भाभी प्लीज आप मेरी लूँगी दिलवा दो। अब मैंने उसको कहा कि नहीं तुम उसको रहने दो क्योंकि तुम ऐसे ही बहुत अच्छे लग रहे हो और फिर सीमी ने राजू से कहा कि मुझे तुम्हारा नंगा लंड बहुत अच्छा लग रहा है क्या में एक बार इसको पकड़कर देख लूँ? लेकिन वो कुछ नहीं बोला।

अब सीमी उसके पास में जाकर बैठ गयी और फिर उसने राजू का लंड अपने मुलायम हाथों में ले लिया और थोड़ी देर तक सीमी राजू के लंड को बड़े ध्यान से देखती रही, उसके बाद उसने राजू का लंड सहलाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से कुछ ही देर में राजू जोश की वजह से पागल सा हुआ जा रहा था। अब उसका लंड पूरी तरह से जोश में आकर पहले से भी ऊँचा बड़ा होकर झटके देने लगा था। अब सीमी ने राजू से पूछा क्या तुमने आज तक किसी लड़की के साथ कुछ किया है? वो शरम की वजह से चुप रहा, कुछ भी नहीं बोला और एक बार फिर से सीमी ने उसको पूछा, वो शरमाते हुए बोला कि हाँ बस एक बार किया है। अब सीमी ने उसको पूछा क्या उस लड़की को दर्द तकलीफ़ नहीं हुई थी? अब वो बोला कि हाँ वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी और वो मेरा पूरा अंदर नहीं ले सकी। अब सीमी ने कहा कि फिर ठीक है आज में इसको पूरा अंदर लेकर देखूँगी कि मुझे कैसा लगता है? क्योंकि मैंने आज तक इतना बड़ा लंड ना ही देखा है और ना लेकर उसका अनुभव किया है और इसलिए आज में यह काम जरुर करके देखूंगी। दोस्तों राजू यह बातें सुनकर अब बहुत ही ज्यादा जोश में आ गया और अब वो झड़ने भी वाला था।

अब वो सीमी से कहने लगा कि प्लीज तुम अब अपना हाथ हटा लो नहीं तो यह गंदा हो जाएगा क्योंकि अब मेरा वीर्य बाहर निकलने वाला है। फिर सीमी उसको बोली कि में आज तुम्हारा वीर्य अपने मुहं में लेना चाहती हूँ और उसको इतना कहकर सीमी ने तुरंत नीचे झुककर राजू का लंड अपने मुहं में ले लिया और वो उसको लोलीपोप की तरफ अंदर बाहर करके चूसने लगी थी। अब में उन दोनों के पास खड़ी होकर वो सब अपनी आँखों से देख रही थी और सीमी को राजू का लंड अपने मुहं में लेते हुए देखकर में जोश से एकदम पागल सी हो रही थी और थोड़ी ही देर में मेरी चूत से पानी निकलने लगा था। अब सीमी राजू का लंड बड़े मज़े से चूस रही थी, थोड़ी देर के बाद राजू के लंड से भी सीमी के मुहं में पानी निकलने लगा था, सीमी ने वो सारा पानी निगल लिया और फिर उसका लंड सीमी ने चाट चाटकर साफ कर दिया वो अब पहले से ज्यादा चमक गया। फिर उसके बाद हम दोनों राजू को अपने साथ में लेकर नहाने के लिए बाथरूम चले गये, मैंने और सीमी ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नहाने लगी। दोस्तों राजू को सीमी ने लूँगी नहीं पहनने दिया इसलिए वो भी पूरा नंगा था, उसका लंड अब झड़ने की वजह से बिल्कुल ढीला पड़ चुका था।

अब सीमी ने राजू से कहा कि तुम मेरे सारे बदन पर साबुन लगाओ और वो यह बात सुनकर सीमी के बदन पर साबुन लगाने लगा था और जब वो सीमी के गोरे गदराए बदन पर साबुन लगाने लगा। फिर मैंने देखा कि यह सब करते हुए उसका लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा था और जब वो सीमी के सारे बदन पर साबुन लगा चुका, तब सीमी ने उसको कहा कि अब तुम अपनी भाभी के बदन पर भी साबुन लगाओ। अब उसने बहुत शरमाते हुए मेरे बदन पर भी साबुन लगाना शुरू किया, लेकिन मैंने महसूस किया कि मेरे बदन पर साबुन लगाते समय उसके हाथ कांप रहे थे और फिर मैंने उसको कहा कि देवर जी ज़रा ठीक से साबुन लगाओ। अब वो मेरे बदन पर बड़ी तेज़ी से साबुन लगाने लगा था और अब तक राजू का लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा होकर एकदम टाइट हो चुका था और जब वो मेरे बदन पर साबुन लगा चुका। फिर सीमी ने राजू से कहा अब हम दोनों मिलकर तुम्हारे बदन पर साबुन लगाएँगे। फिर मैंने और सीमी ने राजू के बदन पर साबुन लगाना शुरू कर दिया और सीमी ने उसके लंड को साबुन लगा लगाकर बहुत रगड़ा और सीमी का हाथ अपने लंड पर लगने से राजू जोश से पागल हुआ जा रहा था। अब में भी सीमी को उसके लंड पर साबुन लगाता हुआ देख रही थी और मेरा चेहरा राजू के लंड के ठीक सामने था।

फिर थोड़ी ही देर में उसके लंड ने एक ज़ोर की पिचकारी चला दी, जिसकी वजह से उसके लंड का सारा वीर्य मेरे चेहरे पर आकर गिरने लगा। अब सीमी ने उसको कहा कि देखो राजू तुमने तो अपनी भाभी के साथ लंड की पिचकारी से होली माना ली, यह बिल्कुल गलत बात है और इतना कहने के बाद सीमी ने मेरे चेहरे से राजू के लंड का सारा वीर्य अपनी जीभ से कुतिया की तरह चाट लिया। फिर उसके बाद सीमी ने राजू से कहा कि अब तुम अपनी भाभी की चूत पर साबुन लगाकर, चूत को अच्छी तरह से रगड़ो। अब राजू थोड़ा सा शरमाते हुए मेरी चूत पर साबुन लगाने लगा था, वो साबुन लगाकर मेरी चूत को मज़े देकर रगड़ रहा था और उसके मेरी चूत पर अपने हाथ से साबुन लगाने की वजह से में अब बहुत ज्यादा जोश में आ चुकी थी और कुछ देर बाद में भी झड़ गयी और उधर सीमी भी पूरी तरह से जोश में आ चुकी थी। फिर जब में पूरी तरह से झड़ चुकी, तब सीमी ने राजू से कहा कि अब तुम मेरी चूत पर भी साबुन लगाकर मेरी चूत को भी ऐसे ही मज़े देकर रगड़ो। अब राजू सीमी की चूत पर साबुन लगाकर रगड़ने लगा था और थोड़ी ही देर चूत को रगड़ने के बाद सीमी भी जोश में आकर झड़ गयी और उसके बाद हम दोनों ने राजू के लंड को अब बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया था।

अब हम दोनों के चूसने से राजू का लंड कुछ ही मिनट में एकदम टाइट हो गया था और थोड़ी देर में वो भी झड़ गया और फिर हम दोनों ने उसके लंड का सारा वीर्य अपनी जीभ से चाट लिया। दोस्तों मैंने तब महसूस किया कि अब तक राजू की शरम बहुत हद तक कम हो चुकी थी। अब वो कहने लगी कि मुझे आज तक ऐसा मज़ा पहले कभी नहीं मिला, मुझे यह सब करके बड़ा अच्छा लगा और उसके बाद हम सभी साथ में नहाने लगे। फिर नहाने के बाद हम लोग वैसे पूरे नंगे ही बाथरूम से बाहर आ गये, उसके बाद राजू ने जब कपड़े पहनने चाहे, सीमी ने उसको कहा कि आज तुम पूरा दिन, रात ऐसे ही एकदम नंगे रहोगे। फिर उसके बाद हम दोनों बहने एक साथ नाश्ता बनाने के लिए रसोई में चली गयी और कुछ देर बाद राजू भी हम दोनों के पीछे पीछे रसोई में आ गया। उस समय हम दोनों नाश्ता बना रही थी और वो हम दोनों के पीछे खड़ा होकर अपने दोनों हाथों से मेरी चुदक्कड़ हॉट सेक्सी बहन सीमी के कूल्हों को सहलाने लगा और बीच बीच में उसका एक हाथ मेरे भी कूल्हों को दबाकर सहलाकर मज़े दे रहा था, जिसकी वजह से हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था।

फिर मैंने महसूस किया कि वो भी अब पूरी तरह से हम दोनों की चुदाई करने के लिए तैयार होकर खड़ा था और नाश्ता बनाने के बाद हम सभी नाश्ता लेकर रसोई से बाहर आ गए। अब हम सभी ने एक साथ बैठकर नाश्ता किया, उस समय हम तीनो के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था और नाश्ता करने के बाद मैंने राजू से पूछा कि तुम हम दोनों में से किसको पहले चोदना चाहते हो? वो कहने लगा कि में तो सबसे पहले सीमी की ही चुदाई करूंगा, क्योंकि आप तो हमेशा घर में ही रहती है और में आपको तो जब चाहूँगा, जब भी मेरी इच्छा होगी आपकी चुदाई के मज़े ले लूँगा, लेकिन सीमी तो हमारे घर में बस एक मेहमान बनकर कुछ दिनों के लिए आई है और यह कभी भी यहाँ से अपने घर जा सकती है। अब सीमी ने राजू के मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश होकर कहा कि हाँ एकदम ठीक है, तुम बिल्कुल सही बात कह रहे हो। फिर सीमी ने खुश होकर राजू से कहा कि अब तुम कालीन पर लेट जाओ और यह बात सुनते ही राजू तुरंत नीचे लेट गया। अब सीमी ने उसका लंड अपने हाथ में ले लिया और उसको सहलाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से राजू अब धीरे धीरे जोश में आने लगा था।

फिर थोड़ी ही देर में उसका लंड एकदम लोहे की तरह तनकर खड़ा हो गया और उसके बाद सीमी भी नीचे लेट गयी और उसने राजू से अपने ऊपर 69 आसन में होने को कहा। अब राजू तुरंत 69 आसन में हो गया और सीमी ने राजू से अपनी चूत को चाटने के लिए कहा और वो खुद उसका लंड अपने मुहं में लेकर उसको चूसने लगी थी। अब राजू ने सीमी की चूत को चाटना चूसना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से सीमी बहुत जोश में आ गयी और अब वो सिसकियाँ भरते हुए राजू का लंड चूस रही थी। फिर करीब पांच मिनट के बाद सीमी ने राजू से कहा कि अब मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। अब तुम अपना पूरा लंड मेरी चूत में डालकर मुझे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर मुझे चोदना शुरू करो, प्लीज तुम अपने लंड से चुदाई के असली मज़े दो, आज तुम मेरी चूत को चोद चोदकर फाड़ दो और इसका आज तुम भोसड़ा बना दो। अब राजू जोश में आकर सीमी के दोनों पैरों के बीच में आ गया और उसने सीमी की चूत की दोनों गुलाबी रंग की पंखुड़ियों को अपने एक हाथ से पूरा फैलाकर अपने लंड का टोपा चूत के एकदम बीच में रख दिया और वो चूत के दाने को अपने लंड से धीरे धीरे सहलाने लगा था और में भी उस समय सीमी के ठीक पास बैठी हुई थी।

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अब राजू ने सीमी के दोनों पैरों को पकड़कर दूर दूर कर दिया और अब वो धक्का देते हुए अपने लंड को सीमी की एकदम कसी हुई गीली कामुक चूत में डालने लगा। दोस्तों सीमी इतने लंबे मोटे लंड से अपनी चुदाई करवाने की आदि नहीं थी और इसलिए जैसे ही राजू के लंड का टोपा सीमी की चूत में घुसा, उसी समय उस दर्द की वजह से उसके मुहं से एक ज़ोर की आवाज निकल गई वो आईईईईईईई स्स्सीईईईई माँ मर गई कहकर दर्द की वजह से छटपटाने लगी थी। अब राजू ने थोड़ा सा और ज़ोर लगा दिया जिसकी वजह से उसका लंड सीमी की चूत में तीन इंच तक चला गया, लेकिन इस बार सीमी को कुछ ज्यादा ही दर्द हुआ और वो चिल्लाने के साथ साथ रोने भी लगी थी, वो आह्ह्हह्ह प्लीज थोड़ा धीरे करो उफफ्फ्फ्फ़ मुझे बहुत दर्द ऊउईईईईईइ हो रहा है, तुम्हारा बहुत मोटा है तुम मेरा थोड़ा सा ध्यान रखकर इसको अंदर डालो अह्हह यह दर्द मेरे लिए बर्दाश्त करना अब बड़ा मुश्किल होता जा रहा है, प्लीज आराम से करो। फिर राजू उसके मुहं से यह सभी बातें सुनकर वैसे ही वहीं पर रुक गया और अब वो उसको बोला कि अभी तो तुम मुझसे अपनी चुदाई करवाने के लिए बड़ी तड़प रही थी और अब चिल्ला रही हो, देखो अभी तो मेरा आधा लंड भी तुम्हारी चूत में नहीं घुसा है और तुम ऐसे उछलकुद करने लगी।

फिर वो हंसते हुए कहने लगा कि में तो आज तुम्हारी चूत में अपना पूरा का पूरा लंड डालकर ही रहूँगा और बिना पूरा अंदर डाले में तुम्हे आज छोड़ने वाला नहीं हूँ, चाहे उसकी वजह से तुम्हारी जान ही क्यों ना निकल जाए और अब तुम देखती जाओ में तुम्हारे साथ क्या करता हूँ? उसके बाद तुम्हे चुदाई का असली मस्त मज़ा आएगा और तुम एक बार मेरे लंड को लेने के बाद हमेशा के लिए अपने पति का लंड लेना भूल जाओगी। अब सीमी बोली कि प्लीज तुम ऐसा कुछ भी मत करना, तुम्हे मेरी कसम प्लीज धीरे धीरे करो देखो तुम्हारा लंड बहुत लंबा और मोटा है और मेरी चूत का छेद छोटा इसलिए मुझे बहुत दर्द हो रहा है और इसलिए में चिल्ला रही हूँ, हाँ ठीक है अगर तुमने ठान ही लिया है तो तुम मेरे इस दर्द की चिंता मत करो और अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दो मुझे तो आज तुमसे बहुत जमकर अपनी चुदाई करवानी है। अब राजू ने एक बार फिर से अपना लंड सीमी की चूत में अंदर सरकाना शुरू कर दिया, उस दर्द होने की वजह से सीमी फिर से चिल्लाने लगी थी और राजू का लंड अब तक सीमी की चूत में थोड़ा सा अंदर तक जा चुका था और राजू बहुत ज्यादा जोश में आ चुका था और इसलिए उसने सीमी के दर्द और उसके चिल्लाने की कोई भी परवाह नहीं कि।

अब उसने सीमी के दोनों पैरों को उसके कंधे के पास सटा दिया, जिसकी वजह से सीमी की चूत एकदम ऊपर उठ गयी। फिर उसने अपने लंड को बाहर निकालते हुए अपनी पूरी ताकत से एक जोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से उसका लंड सीमी की चूत में जड़ तक घुस गया और अब केवल धक्के देना ही बाकी रह गया था, लेकिन उसने दोबारा अपना पूरा लंड सीमी की चूत से बाहर खीच लिया। फिर एक बहुत ही जोरदार धक्का मार दिया, जिसकी वजह से दोबारा राजू का पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में गहराई तक समा गया। अब उन धक्को की वजह से सीमी की चूत से थोड़ा सा खून भी निकल आया था और सीमी दर्द की वजह से तड़पने लगी थी और उसके दोनों पैर थर थर काँपने लगे थे। अब उसका पूरा गोरा गदराया हुआ बदन पसीने से नहा गया और इधर जोश की वजह से मेरी चूत भी एकदम गीली हो चुकी थी। दोस्तों राजू ने अपना पूरा लंड सीमी की चूत में डालने के बाद अब उसको ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए, सीमी अभी भी बहुत ज़ोर से चिल्ला रही थी। फिर करीब 15-20 धक्कों के बाद जब सीमी की चूत कुछ ढीली हो गयी तब उसकी चीख कम हो गयी, क्योंकि अब उसको भी कुछ मज़ा आने लगा था।

अब राजू लगातार धक्के देकर सीमी की चुदाई कर रहा था और सीमी हिचकोले खा रही थी, में सीमी के पास में बैठी हुई उसकी चुदाई को देख रही थी और राजू तेज धक्के लगाता जा रहा था। फिर करीब पांच मिनट के बाद सीमी ने मेरे एक हाथ को ज़ोर से पकड़ लिया, तब में तुरंत समझ गयी कि वो अब झड़ने वाली है। अब उसके मुहं से वो आवाज़ निकली आईईई उफ्फ्फ्फ़ दीदी आईईई में गई और फिर वो झड़ने लगी थी, उसकी चूत ने अपना रस छोड़ना शुरू कर दिया था और झड़ने के बाद जब सीमी की चूत उसके रस से गीली चिकनी हो गयी। अब राजू का लंड बड़ी आसानी से चूत में फिसलकर अंदर बाहर होने लगा था। दोस्तों मैंने महसूस किया कि सीमी के झड़ने के बाद राजू और भी ज्यादा जोश में आ गया था और इसलिए वो अब सीमी की बहुत ही तेज़ी के साथ धक्के देकर चुदाई करने लगी थी। अब मुझे भी वो सब देखकर बहुत ज्यादा जोश आ चुका था और इसलिए मैंने अपनी उंगली को अपनी चूत के अंदर डाल लिया और में उसको अंदर बाहर करने लगी थी। फिर राजू बड़े ध्यान से मुझे अपनी चूत के अंदर उंगली को डालकर अंदर बाहर करता हुआ देख रहा था।

अब उसने मेरे होठों को चूम लिया और थोड़ी ही देर के बाद में भी झड़ गयी, करीब दस मिनट और तेज तेज धक्के खाकर चुदाई करवाने के बाद सीमी ने राजू को ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया था और वो उसके होठों को चूमने लगी थी। अब सीमी एक बार फिर से झड़ गयी, लेकिन राजू अभी भी सीमी को धक्के देकर चोदे जा रहा था और उसकी साँसें बहुत तेज़ चल रही थी। अब उसका सारा बदन पसीने से नहा चुका था, लेकिन फिर भी उसने अपने धक्को की रफ्तार में कोई कमी नहीं आने दी और अब सीमी ने भी अपने कूल्हों को उठा उठाकर राजू का साथ देना शुरू कर दिया था। फिर करीब दस मिनट के बाद राजू की रफ्तार और तेज हो गयी, में तुरंत समझ गयी कि वो भी अब झड़ने वाला है, उसने बहुत ही तेज तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए, सीमी भी राजू को कसकर पकड़े हुए थी और वो उसके होठों को चूम रही थी। अब राजू के मुहं से ऊहह की आवाज़ निकलने लगी और वो झड़ने लगा और सीमी भी उसके साथ ही साथ एक बार फिर से झड़ गयी। अब उसके लंड का पूरा पानी बाहर निकल जाने के बाद राजू ने अपना लंड सीमी की चूत से बाहर निकाल लिया।

अब में उसको अपने सामने देखकर अपने आप को रोक नहीं सकी, मैंने राजू का लंड पकड़ लिया और चाटने लगी मैंने राजू के लंड को चाट चाटकर पूरा साफ कर दिया और फिर मैंने राजू से पूछा क्यों मज़ा आया? वो कहने लगा कि हाँ भाभी मुझे पहली बार आज बहुत मज़ा आया, थोड़ी देर तक आराम करने के बाद मैंने राजू का लंड चाटना शुरू कर दिया और जैसे ही राजू का लंड खड़ा होने लगा। फिर में सीमी के पास में लेट गयी और मैंने राजू से कहा कि अब तुम मेरी चूत को भी चाटो और वो मेरे कहने पर मेरी चूत को चाटने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने भी उसका लंड अपने मुहं में ले लिया और में भी उसको चूसने लगी में तो पहले ही झड़ चुकी थी। अब राजू से थोड़ी देर तक अपनी चूत को चटवाने के बाद एक बार फिर से झड़ गयी, राजू मेरी चूत का पानी चाटने लगा और में उसका लंड चूसती रही। फिर करीब दस मिनट में ही राजू का लंड एक बार फिर से लोहे जैसा तनकर तैयार हो गया। फिर मैंने उसको कहा कि चलो अब इसको मेरी भी चूत में पूरा अंदर डाल दो और तुम आज मेरी भी बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चुदाई करो, में भी दर्द की वजह से सीमी की तरह बहुत चिल्लाउंगी, लेकिन तुम तब भी रुकना मत तुम अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में डाल देना।

अब राजू ने मेरी चूत के होंठो को पूरा फैलाकर अपने लंड का टोपा बिल्कुल बीच में रख दिया और उसने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया, में उसके लंड का टोपा उसकी गरमी को अपनी चूत पर महसूस करते ही मेरे सारे बदन में एक बिजली सी दौड़ गयी और उसकी वजह से मेरे सारे बदन में सनसनी सी होने लगी थी। अब में बहुत उत्साहित थी क्योंकि में आज पहली बार अपने देवर के बहुत मोटे और लंबे लंड से अपनी चुदाई करवाने जा रही थी, ज्यादा जोश में आने की वजह से मैंने अपने कूल्हों को एक दो इंच ऊपर उठा दिया था। फिर इस वजह से मेरी चूत अब राजू के सामने पूरी तरह से खुल चुकी थी। अब मेरी गीली रस से भरी हुई चूत को देखकर वो भी बिल्कुल पागल होकर अपने होश खो बैठा और जैसे ही मैंने अपने कूल्हों को ऊपर उठाया, राजू ने अपनी तरफ से एक जोरदार धक्का मार दिया और में दर्द से चिल्ला उठी क्योंकि मुझे बड़ा तेज दर्द हुआ था। दोस्तों ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि उसका लंड मोटा और मेरी चूत का छेद आकार में छोटा था और तब मैंने महसूस किया कि इतना तेज धक्का तो उसने मेरी बहन सीमी की चुदाई करते समय भी नहीं लगाया था।

अब उसकी वजह से उसका आधा लंड एक झटके के साथ मेरी चूत में घुस चुका था, तब मुझे ऐसा लग रहा था कि किसी ने मेरी चूत में गरम गरम लोहा जबरदस्ती पूरा अंदर डाल दिया हो और अब मेरी चूत से खून भी निकलने लगा था और में उस दर्द की वजह से तड़पने लगी थी। दोस्तों में अभी पूरी तरह से संभल भी नहीं सकी थी कि उसने एक बहुत ही जोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से में दोबारा बहुत ज़ोर से चिल्लाई और दर्द की वजह से में तड़पने लगी। अब मेरे चेहरे पर पसीना आ गया और मेरी आँखों से आँसू निकल आए। अब राजू ने मुझसे कहा अरे आप तो रो रही है, मैंने उसको कहा कि यह खुशी के आँसू है और अब तुम अपना बाकी का लंड भी मेरी चूत में डाल दो। फिर उसने मेरे कहने पर दोबारा एक जोरदार धक्का लगा, दिया जिसकी वजह से अब उसका पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया। अब में उसके दोनों आंड को अपनी चूत पर महसूस कर रही थी और उस दर्द की वजह से मेरे पैर थर थर कांप रहे थे मेरा सारा बदन पसीने से नहा गया था। फिर मैंने राजू से कहा कि अब तुम मुझे जल्दी से इस दर्द से छुटकारा दिलाओ।

अब वो मुझसे पूछने लगा कि में कैसे इस दर्द से आपको छुटकारा दिला सकता हूँ? मैंने उसको कहा कि अब तुम बहुत तेज़ी के साथ ज़ोर से धक्के लगाओ, तब जाकर मुझे मज़ा आएगा और थोड़ी देर के बाद जब मेरी चूत कुछ ढीली हो जाएगी और मेरा दर्द कम हो जाएगा। अब राजू ने मेरे कहने पर ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए और में उस दर्द से तड़पती रही, करीब 20-25 धक्कों के बाद जब मेरी चूत कुछ ढीली हो गयी। फिर मेरा दर्द कम हो गया और अब मुझे भी मज़ा आने लगा था, उस समय में इतने ज्यादा जोश में थी कि जैसे ही राजू ने 8-10 धक्के और लगाए उसकी वजह से में झड़ गयी। अब मेरी चूत गीली हो चुकी थी और राजू का लंड अब मेरी चूत में बड़ी आसानी से अंदर बाहर होने लगा था। अब राजू बहुत तेज़ी के साथ धक्के देते हुए मेरी चुदाई कर रहा था और अब सीमी मेरे पास में बैठकर मुझे चुदते हुए देख रही थी, जिसकी वजह से उसको एक बार फिर से जोश आने लगा था। फिर वो गरम होकर अपनी चूत में उंगली डालकर अंदर बाहर कर रही थी, सीमी जोश की वजह से अपने एक हाथ से मेरे बूब्स को मसल रही थी। अब राजू बहुत तेज़ी से धक्के लगाते हुए मेरी चुदाई कर रहा था, वैसे वो एक बार कुछ देर पहले मेरी बहन सीमी को चोद चुका था, इसलिए इस बार वो जल्दी नहीं झड़ रहा था।

अब इस वजह से उसने मुझे करीब तीस मिनट तक लगातार तेज तेज धक्के देकर चोदा और फिर उसके बाद जब वो झड़ने लगा, तब मेरे कहने पर वो मेरी चूत में ही झड़ गया और इस चुदाई के दौरान में भी चार बार झड़ चुकी थी। दोस्तों मुझे राजू से चुदाई करवाने में बहुत मज़ा आया ऐसा मज़ा मुझे आज तक पहले कभी नहीं मिला था और जब उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला, में उसका लंड चाटने लगी और मैंने उसका लंड चाट चाटकर एकदम साफ कर दिया। दोस्तों उस दिन सीमी ने तीन बार और मैंने तीन बार राजू से चुदाई के मज़े लिए, लेकिन हमारी भूख अभी भी शांत नहीं हुई। फिर सीमी और में एक दिन में कम से भी कम उसके साथ अपनी पांच बार चुदाई करवाना चाहती थी, लेकिन ऐसा अकेले राजू नहीं कर सकता था। फिर उसी शाम को मैंने राजू से कहा कि हम दोनों और ज्यादा चुदाई के मज़े लेना चाहती है, कुछ देर सोचने के बाद राजू कहने लगा कि मेरा एक खास दोस्त जिसका नाम जॉन है, उसका लंड मेरे लंड से भी ज्यादा लंबा और मोटा है, अगर तुम्हें काला लंड पसंद हो तो में उसको यहाँ पर बुला लेता हूँ। अब सीमी ने कहा कि काले और गोरे लंड से क्या होता है? हम दोनों को तो बस केवल उसके साथ बहुत जमकर चुदाई के मज़े लेने है बस वो हमे जमकर चोदे हमे उस बात से मतलब है और कोई भी मतलब नहीं है।

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फिर दूसरे दिन राजू अपने उस दोस्त जॉन को हमारे घर ले आया, जब सीमी और मैंने जॉन का लंड देखा, तब हम दोनों खुशी से झूम उठे। दोस्तों क्योंकि वो हमारी उम्मीद से भी ज्यादा मोटा लंबा था और उसके साथ चुदाई करवाकर हमे बड़ा मस्त मज़ा आने वाला था। अब हम दोनों को डर भी नहीं था क्योंकि हम दोनों ने राजू के मोटे लंबे लंड से पहले ही अपनी चुदाई के मज़े ले लिए थे इसलिए जॉन के लंड से चुदाई करवाने में हमे बहुत ज्यादा दर्द तकलीफ़ नहीं हुई। दोस्तों जॉन में एक खास बात थी कि वो बहुत बुरी तरह से तेज धक्के देकर चुदाई करता है और वो बहुत देर तक भी टिका रहता है, वो एक बार में कम से भी कम 30 मिनट तक लगातार चुदाई करता और वो बहुत ही जोरदार धक्के लगाता था। फिर मैंने और सीमी ने राजू और जॉन से चुदाई के बहुत मस्त मज़े लिए, वो दोनों हम दोनों को चोदते रहे, कुछ देर धक्के देने के बाद कभी जॉन अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकालकर मेरी बहन की चूत में डाल देता और उसकी जगह राजू आ जाता और फिर कुछ देर धक्के देने के बाद राजू दोबारा रुककर लंड को बाहर निकालकर मेरी बहन की चूत में अपने लंड को डाल देता।

फिर उसकी जगह वापस जॉन आकर मेरी चुदाई करने लगता और उन दोनों ने हम दोनों की चूत को बदल बदलकर कभी लेटाकर तो कभी खड़ा करके और कभी घोड़ी बनाकर चुदाई के पूरे मज़े दिए जिसकी वजह से हम सभी बड़े खुश थे। दोस्तों उस एक ही दिन में उन दोनों ने हमारी करीब आठ बार चुदाई करके हमारी चूत को शांत किया और मेरे पति मोहन के वापस घर पर आने तक 14 दिनों में मैंने और सीमी ने उन दोनों से करीब पचास बार से अधिक अपनी चुदाई के मज़े लिए उनसे चुदवाते चुदवाते हम दोनों की चूत एकदम सूज चुकी थी और कई जगह से कट भी चुकी थी। फिर मैंने अपनी बहन सीमी से कहा कि हम दोनों की चूत अब इन दोनों के मोटे लंड से धक्के खाकर बहुत ज्यादा चौड़ी हो चुकी है और जब हम दोनों अपने अपने पति से चुदाई करवाएँगी और उन्हें हमारी चूत एकदम ढीली लगेगी तब हम उनको क्या जवाब देंगे? सीमी बोली कि हम दोनों कह देंगे कि जब मोहन बाहर गये थे तब हमारे साथ रेप हुआ था वो चार आदमी थे और उन्होंने हम सभी का मुहं बाँधकर हमारे साथ पूरे दिन रेप किया और हमे कई बार चोदा। अब राजू कहने लगा कि हाँ यह ठीक रहेगा हम यही बात भैया को बताकर उनको पागल बना देंगे।

फिर मोहन जब वापस आए तो उन्होंने कुछ भी नहीं पूछा, जिसकी वजह से हम खुश है। दोस्तों आज भी में मोहन के ऑफिस चले जाने के बाद राजू से हर दिन दोपहर को कम से कम भी एक बार ज़रूर अपनी चुदाई करवाती हूँ क्योंकि मुझे अब उसका लंड लेने की आदत सी हो गई है। अब उसका लंड लिए बिना मुझे रात भर नींद नहीं आती। दोस्तों यह थी मेरी सच्ची चुदाई की कहानी जिसमे मैंने अपनी बहन और अपने देवर के साथ चुदाई के पूरे मज़े लिए हमे ऐसा करके अपने जीवन के पूरे मज़े लिए और बड़ा आनंद मिला, मुझे उम्मीद है कि आप सभी को मेरा यह सेक्स अनुभव जरुर पसंद आएगा ।।

धन्यवाद …

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