चुदक्कड़ कॉलेज गर्ल की चाहत


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प्रेषक : रवि …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रवि है और में अब तक कुंवारा हूँ। मेरी उम्र 27 साल है और में एक गुजराती परिवार से हूँ, लेकिन में मुंबई में रहता हूँ और अपने पापा की उनके कामों में मदद करता हूँ, क्योंकि मेरे पापा का अपना खुद का एक व्यापार है और जिसको हम दोनों मिलकर सम्भालते है। दोस्तों में दिखने में बहुत अच्छा और में हर दिन जिम जाता हूँ, जिसकी वजह से मेरे शरीर का आकार बहुत अच्छा है, जिसको देखकर हर कोई मेरी तरफ आकर्षित हो जाता है और मेरे लंड का आकार 6 इंच और 2 इंच मोटा भी है और जब वो तनकर खड़ा होता है तो किसी लोहे के सरीए के जैसा लगता है। दोस्तों आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को अपनी एक ऐसी सच्ची कहानी वो घटना सुनाने जा रहा हूँ, जिसको में बहुत दिनों से आप तक लाने की बात सोच रहा है और इस घटना में मैंने एक कॉलेज की लड़की को चोदा और उसके साथ सेक्स करके बहुत मज़े लिए। उस लड़की का नाम सोनिया था।

दोस्तों वो लड़की में जिसके बारे में बताने जा रहा हूँ, वो दिखने में बड़ी सुंदर हॉट सेक्सी थी, उसने मुझे बहुत बार इशारों से समझाने की कोशिश की, लेकिन में ना समझा, वो मेरे ही कॉलेज में पढ़ती थी, लेकिन वो मेरी दीदी को बहुत अच्छी तरह से जानती थी, उसकी मेरी दीदी से बहुत पक्की दोस्ती थी और अब की कहानी आप भी सुनकर मज़े ले। दोस्तों वो लड़की जब भी मुझसे मिलती थी, तब वो मुझे एक अजीब सी स्माईल देती थी, लेकिन मैंने कभी भी उसकी उस हरकत पर इतना ध्यान नहीं दिया। वैसे तो वो मेरे घर पर हर कभी आ जाती थी और उसके बूब्स भी बड़े आकार के थे। मेरे हिसाब से उसके मस्त बूब्स का आकार 34 होगा और वो हमेशा कपड़े भी बहुत टाईट सेक्सी पहनती थी, लेकिन मुझे कभी भी समझ नहीं आया कि वो मेरे साथ ऐसा क्यों करती है? या उसके मन में मेरे लिए क्या चल रहा है, वो ऐसा क्या सोचती है? दोस्तों वो अधिकतर समय मेरी दीदी के साथ इधर उधर घूमती फिरती थी, उनको अपने बॉयफ्रेंड के बारे में भी बताती रहती थी और इसलिए मेरी दीदी ने भी उसके ऊपर या उसकी हरकतों के ऊपर इतना ध्यान नहीं दिया और उस बात का उसने फायदा उठा लिया।

फिर एक दिन वो मुझसे बोली कि राज क्या आप मुझे गणित के कुछ सवाल है जो मुझे हल नहीं करने आ रहे है, वो हल करके समझा दोगे? मैंने बोला कि हाँ ठीक है तुम आ जाना, में तुम्हें वो करवा दूँगा और वो मेरा जवाब सुनकर मन ही मन बहुत खुश होकर अपने घर पर चली गई, लेकिन उसके बाद तो वो हर रोज़ शाम को जब भी में अपने ऑफिस से वापस अपने घर पर आता तो वो अपनी कोई ना कोई समस्या को लेकर मेरे घर पर आ जाती और वो हर दिन बड़ी मस्त सेक्सी सी ड्रेस पहनकर आती और वो मेरे साथ बिल्कुल चिपककर बैठ जाती और वो जानबूझ कर मेरे हाथों पर अपने बूब्स को छुआ करती थी। उसके बाद ऐसा व्यहवार करती जैसे वो अचानक से मेरे हाथ से छू गए हो, जिसकी वजह से में भी गरम हो जाता था, लेकिन अपने मन को अपने काबू में रखता, क्योंकि में जानता था कि यह सब ठीक नहीं है। फिर कुछ दिनों बाद से तो वो हर दिन छोटी स्कर्ट पहनकर आती थी और फिर वो जानबूझ कर अपनी स्कर्ट को थोड़ी ऊपर कर देती, जिसकी वजह से में उसके सेक्सी पैरों को देख लूँ, लेकिन में उन पर फिर भी इतना ध्यान नहीं देता था। फिर एक दिन वो मेरे घर आ गई, उस दिन रविवार का दिन था, वो मुझसे कुछ समझने के लिए आई थी और उस समय मेरी दीदी सो रही थी और में टी.वी. देख रहा था। फिर उसके कहने पर में उसके साथ बैठ गया और उसको बताने लगा और वो समझने लगी थी और कुछ देर बाद मैंने अंदर झांककर देखा कि उस दिन उसने अपनी टी-शर्ट के नीचे ब्रा भी नहीं पहनी थी, जिसकी वजह से उसके निप्पल मुझे अब बिल्कुल साफ साफ दिखाई दे रहे थे। अब में उसकी तरफ देखता ही रह गया और उसने मुझे शरारत भरी स्माईल दी। उसके बाद हम अपने काम को करने लगे और में उसको पढ़ाने लगा, लेकिन वो तो बार बार किसी ना किसी बहाने से मुझे छेड़ रही थी, जिसकी वजह से उसके बूब्स मुझे छू रहे थे, क्योंकि वो मुझसे चिपककर बैठी हुई थी और मुझे वो बड़ा ही मदहोश किए जा रहे थे, लेकिन में अपने आपको बहुत रोक रहा था। फिर कुछ देर बाद वो पानी की बोतल लेने फ्रिज की तरफ चली गई और वहां नीचे जमीन पर पानी पड़ा होने की वजह से वो फिसल गयी और नीचे गिर गई और वो ज़ोर से चिल्लाने लगी तो में तुरंत भागकर उसकी तरफ गया। फिर मैंने देखा कि उसके घुटने में चोट आई थी और में उसका घुटना सहला रहा था और उसने छोटी स्कर्ट पहनी थी, जिसकी वजह से मुझे उसकी पेंटी साफ दिखाई दे रही थी। उसने गुलाबी रंग की पेंटी पहनी हुई थी और उसमें से उसकी चूत के बाल बाहर आते हुए मुझे दिख रहे थे, जिसकी वजह से मुझे कुछ कुछ होने लगा था। अब में धीरे धीरे उसके घुटने को दबा रहा था, लेकिन मेरा पूरा ध्यान तो बस उसकी पेंटी की तरफ ही था, शायद उसको भी इस बात का पता लग गया था, इसलिए उसने अपने दोनों पैरों को और भी ज्यादा खोल दिया, लेकिन तभी मुझे ध्यान आया कि मेरी दीदी भी उनके कमरे के अंदर सो रही है, इसलिए मैंने उससे कहा कि तुम अब उठकर देखो कि तुमसे चला जाता है या नहीं? तो वो उठने लगी और अपनी तरफ से कोशिश करने लगी। तब मैंने उसकी कमर को पकड़कर उसको सहारा दिया और मैंने उसको उठाया तो तब मेरी बाहें उसकी कमर पर से फिसलकर उसके मुलायम मुलायम बूब्स को छूने लगी थी और वो मेरा सबसे अच्छा अहसास था।

फिर वो जानबूझ कर मेरी तरफ झुक गई और वो कहने लगी कि भैया मुझसे नहीं चला जाता और इसलिए मैंने उसको अपनी बाहों में उठा लिया और तब उसने मेरे गले में अपनी गोरी नरम बाहें डाल दी और वो मेरी छाती से चिपक गयी और अपनी गरम गरम साँसे मेरे सीने पर छोड़ने लगी। अब मेरे कदम ही नहीं बढ़ रहे थे और मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरे दोनों पैरों में बिल्कुल भी जान ही नहीं है। तभी उसने धीरे से मेरी छाती पर एक किस कर दिया और मेरा सारा शरीर पसीने में भीग गया और पूरे बदन में एक अजीब सा करंट दौड़ गया। फिर इतनी देर में मेरी दीदी भी अपने कमरे से निकलकर बाहर आ गई और हम दोनों ने मिलकर उसकी मालिश कर दी और वो कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ तब वापस अपने घर चली गयी। करीब एक सप्ताह गुजर गया और वो कॉलेज भी नहीं गयी। फिर एक सप्ताह के बाद वो ठीक हो गयी, में उसका सामना नहीं करना चाहता था, क्योंकि मुझे अच्छी तरह से मालूम था कि अगर इस बार उसका मेरा सामना हुआ तो में अपने होश खो बैठूँगा। अब दो सप्ताह के बाद मेरी दीदी मेरी चाचा की लड़की की शादी में दिल्ली चली गयी और उनको वहां से दो तीन दिन बाद वापस आना था और मुझे कुछ काम था, इसलिए में उनके साथ नहीं गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब वो सोमवार का दिन था और में दोपहर को करीब दो बज़े ऑफिस से अपने घर वापस आ गया था कि तभी कुछ देर बाद दरवाजे पर लगी घंटी बजी। मैंने उठकर दरवाज़ा खोला और देखा कि मेरे सामने सोनिया खड़ी हुई थी और उसके हाथ में किताब थी, वो मुझसे कुछ पूछने आई थी। फिर मैंने उससे बोला कि आज दीदी घर पर नहीं है। फिर वो बोली कि हाँ मुझे पता है और फिर उसने एक शरारत भरी स्माईल दे दी और अब में उससे कुछ कहता उससे पहले ही वो सीधा अंदर आ गयी। तब उसने मुझसे कहा कि फिर तो आज पढ़ाई नहीं होगी, आज हम सिर्फ़ मज़े करेंगे और इतना कहकर वो तुरंत सोफे पर बैठ गयी। उसने टी.वी. को चालू कर दिया और उसने फिल्म का चैनल लगा दिया और वो फिल्म देखने लगी थी। फिर कुछ देर बाद मैंने उससे पूछा कि क्या वो कोल्ड ड्रिंक पीना चाहती है? तब उसने हाँ कहा और में उसके लिए फ्रिज में से कोल्ड ड्रिंक लेने चला गया। फिर जब में कोल्ड ड्रिंक लेकर वापस आया तो मैंने देखा कि वो अब तक अपनी टी-शर्ट को उतार चुकी थी और उसके गोरे गोरे बूब्स के ऊपर काली रंग की ब्रा उसने पहनी हुई थी और अब उसने इशारों में उसने मुझे अपने पास आने के लिए कहा, लेकिन मैंने उससे कहा कि नहीं सोनिया तुम अब जाओ यहाँ से, यह सब ठीक नहीं है, तुम अभी मुझसे बहुत छोटी हो। फिर उसने बोला कि नहीं अभिनव में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो, में तुम्हें छूकर महसूस करना चाहती हूँ। दोस्तों उसके मुहं से उस दिन मैंने पहली बार अपना नाम सुना था, जिसको सुनकर में बहुत हैरान रह गया और वो बोली कि में इस दिन का कब से कितना इंतज़ार कर रही थी? तो मैंने उससे बोला कि नहीं तुम्हारे पापा मम्मी को पता चलेगा तो वो लोग क्या कहेंगे? तब वो बोली कि उन्हें कुछ भी नहीं पता चलेगा, क्योंकि वो घर पर नहीं है। फिर भी मैंने उसको वापस उसके घर जाने के लिए बहुत बार बोला, लेकिन वो नहीं मानी और जब में उसके पास नहीं गया तो उसने मुझसे कहा कि अभिनव अगर तुम नहीं आए तो में ज़ोर ज़ोर से चिल्लाऊगी और सबसे कहूंगी कि तुमने मुझे अपने घर पर बुलाकर मेरे साथ मेरा रेप करने की कोशिश की है।

अब में उसकी वो बातें सुनकर बहुत डर गया और फिर मन ही मन कुछ बात सोचकर में उसके पास चला गया और तब उसने तुरंत मेरे गले में अपनी गोरी गोरी बाहें डाली। फिर में उसको चूमने लगा और वो भी मुझे चूमने लगी और तभी उसने अपनी ब्रा को भी उतार दिया, उम्ममम्म वाह क्या मस्त बूब्स थे उसके में उनको सक करने लगा। फिर वो बोली कि हाँ और ज़ोर से उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह्ह्ह आज में तुम में पूरा डूब जाना चाहती हूँ, थोड़ा और ज़ोर से करो, वाह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। अब में पूरे जोश में आकर उनके गोरे मुलायम बूब्स को सक करता रहा और साथ में दूसरे बूब्स की निप्पल को भी निचोड़ता रहा। यह सब करते हुए में नीचे आ गया, तब उसने अपनी स्कर्ट को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो सिर्फ़ पेंटी में थी और अब उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए और मेरी शर्ट के एक एक बटन को खोलते हुए वो मुझे किस कर रही थी और कुछ ही देर बाद अब में उसके सामने सिर्फ़ अंडरवियर में था और वो मेरे साथ पेंटी में थी। फिर मैंने उससे कहा कि चलो अब हम बेडरूम में चलते है, इतना सुनकर वो झट से उछलकर मेरी गोद में आ गई और उसने अपने दोनों पैरों को पूरा खोलकर मेरी कमर में डाल दिया और में उसको सक करता हुआ चलने लगा और रूम में ले जाकर मैंने उसको बेड पर पटक दिया और उसने मुझे इशारे से अपने पास बुला लिया और में उसके पास गया।

फिर उसने बहुत धीमी आवाज में मुझसे बोला कि आज में तुम्हें नहीं छोड़ूँगी, तुमने इतने दिनों से मुझे बड़ा तड़पाया है और इतना कहकर उसने एक झटका देकर मेरी अंडरवियर को उतारकर मेरा लंड बाहर निकाल लिया और वो लंड को सहलाने लगी, जिसकी वजह से मेरा लंड जोश में आकर तनकर खड़ा हो गया और फिर उसने सक करना शुरू कर दिया और जब वो मेरे लंड को सक कर रही थी तो मुझे बहुत मज़े आ रहे थे और में मोन करने लगा आअहहहह उूउउम्म्म् तब मुझे लगा कि मेरा वीर्य अब बाहर निकलने वाला है, इसलिए में अपने लंड को उसके मुहं से बाहर निकालने लगा, लेकिन उसने कहा कि नहीं तुम मेरे मुहं में ही निकाल दो। फिर मैंने उसके मुहं में ही अपना वीर्य निकाल दिया और उसने सारा वीर्य पी लिया, थोड़ा सा उसके होंठो पर लग गया और उसने उसको भी अपनी जीभ से चाट लिया। दोस्तों मुझे इतनी संतुष्टि जिंदगी में पहले कभी भी नहीं मिली थी। मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और उसके बाद वो बेड पर लेट गयी और उसने अपने दोनों पैरों को खोल दिया और बोला कि तुम अब मेरी चूत को चाटो। फिर मैंने जब उससे बोला कि में यह सब नहीं करूंगा, तो वो कहने लगी कि नहीं करोंगे तो में वापस अपने घर चली जाउंगी और फिर इसलिए में उसकी चूत की तरफ चला गया। उसने मेरे मुहं को ज़ोर से अपनी चूत में डाल दिया और में चूत को चूसने लगा। मैंने चूत के होंठो को खोला और में अपनी जीभ को बीच में डालकर जीभ से चूत की चुदाई करने लगा और वो जोश में आकर चिल्ला रही थी आहह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से और ज़ोर से उम्म्म्मम हाँ मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था, आईईईईई तुम बहुत अच्छा चोदते हो, हाँ पूरा और अंदर तक डालो ऊऊईईईइ। फिर में भी उसकी वो बातें सुनकर जोश में आकर ज़ोर से चुदाई करने लगा और कुछ देर बाद उसका जूस बाहर निकल आया और वो अपनी मंजिल तक पहुंच गई। उसे बहुत मज़ा आया और वो बिल्कुल मदहोश होकर लेट गई, जैसे उसके शरीर में कोई जान ही ना बची हो। फिर में भी उसके पास बैठ गया और उसके सेक्सी बदन पर हाथ फेरने लगा। इतनी देर में दोबारा मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया, उसने मेरा लंड देखा और उसकी आखों में तुरंत ही एक अजीब सी चमक आ गयी और वो मुझसे कहने लगी कि आज तुम मुझे जन्नत का मज़ा दे दो प्लीज।

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फिर मैंने बोला कि नहीं यह सब रहने दो। फिर वो बोली कि नहीं प्लीज में तुम्हारे लंड से अपनी चुदाई करवाना चाहती हूँ, प्लीज चोद दो मुझे, क्यों इतना तरसा रहे हो? में उठकर दूसरे कमरे के अंदर चला गया और में अपने साथ कंडोम ले आया और अपने लंड पर कंडोम लगाया। उसके बाद मैंने उसके दोनों पैरों को ऊपर किया और ज़ोर लगाकर अपना लंड अंदर डाल दिया और वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्लाई। मैंने उसके मुहं पर अपना एक हाथ रख दिया, लेकिन दोस्तों पहली बार चुदवाने की वजह से उसको बहुत दर्द हो रहा था। उसने मेरे हाथ पर काट भी दिया, लेकिन उस टाईम तो में भी जोश में था, इसलिए मुझे इतना दर्द महसूस नहीं हुआ। फिर कुछ देर बाद में अपने लंड से उसकी चूत में धीरे धीरे धक्के लगाने लगा, जिसकी वजह से हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था और अब तक उसका पानी बाहर निकल आया था और उसको जोश के साथ साथ मज़ा भी आने लगा और वो चिल्ला रही, आह्ह्ह्हह हाँ उफफ्फ्फ्फ़ और ज़ोर से और ज़ोर से उम्म्म्म जाने दो पूरा अंदर। में कब से इस पल के लिए तरस रही हूँ, अब जाकर मुझे चेन मिलेगा। फिर में भी ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा और में ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चुदाई करता रहा। फिर थोड़ी देर बाद में भी अब अपने उस दौर पर पहुंच गया जब में झड़ने वाला था। फिर दो चार धक्के लगाने के बाद में झड़ गया और थककर उसके पास में लेट गया।

दोस्तों इस तरह से हम दोनों ने उस दिन बहुत मज़े किए और उस चुदाई में उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया, हाँ यह जरुर है कि उसको दर्द जरुर था, लेकिन मज़े के सामने वो दर्द कुछ भी नहीं था और उसके बाद वो मुझसे बाय कहकर अपने घर पर चली गई। फिर उसके बाद एक दिन हमारे बीच बहुत कुछ हुआ और एक बार फिर से उस दिन मैंने जमकर उसकी चुदाई के मज़े लिए और उसने भी मेरा बहुत साथ दिया और कुछ देर बाद वो अपने कूल्हों को उठा उठाकर मेरे साथ साथ मेरे धक्कों का जवाब देने लगी थी और उस चुदाई के खत्म हो जाने के बाद मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया और हम दोनों एक साथ में नहाए भी और बाथरूम में भी मैंने उसको चोदा और तब तक शाम के सात बज़ गये थे और मेरे मम्मी, पापा के आने का समय हो गया था। अब वो अपने कपड़े ठीक करके सोफे पर आकर किताब को अपने हाथ में लेकर मेरे सामने बैठ गई। फिर मैंने बेडरूम से खून वाली बेडशीट को उठाई और में उसको धोने लगा, लेकिन वो खून का निशान उस पर से नहीं निकला, इसलिए मैंने उसको बाहर फेंक दिया। फिर जब हम दोनों बैठे हुए थे। तब मैंने उससे पूछा कि वो मेरी तरफ आकर्षित कैसे हुई? तब उसने मुझे बताया कि उसने एक फिल्म देखी थी, जिसके हीरो का शरीर बिल्कुल मेरी तरह था, वो उसको बहुत ज्यादा भा गया और तब से उसके मन में मेरे साथ चुदाई की बात आ रही थी। दोस्तों यह थी मेरा वो सच जिसको में आप लोगों को बताना चाहता था ।।

धन्यवाद …

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