आंटी की चूत और लंड की मौज


Click to Download this video!
0
loading...

प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में भी आप लोगो की तरह कामुकता डॉट कॉम पर बहुत लंबे समय से सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ और अब तक मैंने बहुत सारी कहानियों के मज़े लिए और बहुत बार मुठ भी मारी, लेकिन अभी कुछ दिनों से मुझे मेरे पड़ोस में रहने वाली आंटी को देखने उनके गरम बदन पर अपनी नजर गड़ाए रखना बहुत अच्छा लगने लगा है और आज में उनके साथ घटित हुई मेरी वो सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसको में बहुत दिनों से आपके लिए लिख रहा हूँ और यह मेरा पहला सेक्स अनुभव है।

दोस्तों मेरे पड़ोस में एक बहुत सेक्सी आंटी रहती है और उनका हमारे घर पर बहुत लंबे समय से आना जाना था, वो हर कभी किसी भी काम से मेरे घर पर आ जाती थी और उनकी मेरी मम्मी से बहुत अच्छी बनती थी, इसलिए वो हमारे पूरे परिवार से बहुत अच्छी तरह से घुली-मिली रहती है और उन आंटी के दो बच्चे है, उनकी एक लड़की जो 12 साल की है और एक लड़का है जो की 8 साल का है। उनकी शादी को 15 साल हो गये है फिर भी आज तक भी वो इतनी हॉट सेक्सी लगती है कि उनको देखकर कोई भी उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगा सकता। उसकी छाती का आकार 40 और उनका एकदम गोरा गोरा बदन दिखने में बहुत सुंदर जिसको देखकर हर किसी की नीयत उन पर फिसल जाए, वो घर में अक्सर सलवार कुर्ता पहनती है और जब कभी उनको पार्टी या कहीं बाहर जाना होता है तो तब वो साड़ी पहनती है। वो साड़ी को हमेशा अपनी कमर से बहुत नीचे बांधती है और ज्यादातर वो साड़ी भी जालीदार होती है जिसकी वजह से उनके एकदम टाइट बड़े आकार के बूब्स हमेशा बाहर की तरफ आए हुए होते है जिसकी वजह से मेरी नजर उनकी छाती से हटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं होती।

दोस्तों पहले मेरी नजर उन पर ऐसी नहीं थी, लेकिन समय के साथ साथ मेरा उनका मेलजोल बढ़ने लगा और एक दिन गलती से मेरा हाथ उनके बूब्स को छू गया। तब उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा बस वो मेरी तरफ थोड़ा सा मुस्कुराकर अपना काम करने लगी और उसके बाद मेरी हिम्मत दिनों दिन बढ़ती चली गई और अब में उनको अपनी उस गंदी, खा जाने वाली नजर से देखने लगा। मुझे वो बहुत अच्छी लगने लगी और वैसे उनके मन में भी मेरे लिए बहुत कुछ था, लेकिन वो हमेशा चुप रहती थी और मुझे उसका मतलब पता था। एक दिन मेरी मम्मी ने मुझसे आंटी के घर पर जाकर दही लाने के लिए कहा, में उनकी बात को सुनकर बहुत खुश हुआ क्योंकि में भी उनको देखने उनसे बातें करने के नये नये मौके देखता था और में जैसे ही उनके घर पर गया तो मैंने देखा कि वो उस समय ज़मीन पर पोछा लगा रही थी और उस समय उन्होंने सलवार सूट पहना हुआ था और उस समय उनके शरीर पर चुन्नी भी नहीं थी जिसकी वजह से उनके दोनों बूब्स आकार में ज्यादा बड़े होने की वजह से कपड़ो से बाहर निकल रहे थे और वो बहुत सुंदर आकर्षक नजर आ रहे थे। फिर में उनके सामने खड़ा खड़ा मूर्ति बनकर उनकी गोरी छाती को देखकर ललचाने लगा और कुछ देर तक तो में उनको ऐसे ही बिना पलके झपकाए लगातार अपनी चकित नजरों से देखता रहा। फिर कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे आवाज देकर पूछा कि क्या हुआ ऐसा क्या घूर घूरकर देखता है क्या खा जाएगा? उनके यह बात पूछने पर मैंने होश में आकर उनसे कहा कि मुझे थोड़ा सा दही चाहिए था मुझे मेरी मम्मी ने आपसे दही लेकर आने को कहा था इसलिए में चला आया। फिर उन्होंने मुझे मुस्कुराते हुए बैठने के लिए कहा और वो मुझसे बोली कि तुम थोड़ा सा इंतजार करो, में जल्दी से अपना काम खत्म करके तुम्हे दही लाकर देती हूँ। में उनके कहने पर तुरंत चुपचाप बहुत खुश होकर बैठ गया और अब वो दोबारा मेरे सामने झुककर पोछा लगाने लगी तो मेरी चोर नजर दोबारा उनकी छाती पर जा पहुंची और उनके हिलते झूला खाते हुए बूब्स मुझे बहुत ही हॉट लग रहे थे और उनकी सफेद रंग की पतली सलवार के अंदर से मुझे उनकी काली रंग की पेंटी अब साफ साफ नजर आ रही थी, जिसको देखकर अब मेरा लंड तन गया था। फिर कुछ देर बाद में उन्होंने अपना काम खत्म करने के बाद किचन में जाकर मुझे दही लाकर दिया और में उनको पीछे से जाता हुआ देखने लगा। पीछे से उनकी कमीज उनके कूल्हों से उठी हुई थी जिसकी वजह से उनकी एकदम सुडोल मटकती हुई गांड भी बहुत सेक्सी लगने लगी। फिर जब वो मेरे पास आकर मुझे मेरे हाथों में दही देने लगी तो उनका नरम गोरा हाथ मेरे हाथ टकरा गया और में उस हाथ का स्पर्श पाकर मचल गया वो बहुत अच्छा अहसास था। फिर में कुछ देर बाद दही लेकर अपने घर पर आ गया और अब वो जब भी छत पर कपड़े सुखाती तो में उनकी ब्रा और पेंटी के साथ खेलने लगता था। में कभी उनको अपने लंड से लगता तो कभी उनको छूकर उनकी चूत, बूब्स गरम सेक्सी बदन को मन ही मन महसूस किया करता। में उनके विचारों में बिल्कुल खो सा जाता और बहुत बार में उनको सोचकर उनके नाम से मुठ भी मारा करता और अपने खड़े लंड को शांत किया करता था। मैंने उनको सोचकर अपने लंड को बहुत बार हिलाया।

loading...

अब में उनको मन ही मन चोदने के सपने देखने लगा था। मुझे कैसे भी करके उनकी चुदाई करनी थी इसलिए में उनकी चुदाई के नये नये तरीके और सही मौके के बारे में सोचने लगा था। मेरा पूरा मन और दिमाग अब उनकी चूत को कैसे भी प्राप्त करने के विचारो में लगा हुआ था और मेरी अच्छी किस्मत से वो दिन बहुत जल्दी आ ही गया जिसका मुझे बहुत इंतजार था। दोस्तों एक दिन की बात है उस दिन आंटी के पति को किसी जरूरी काम से कहीं बाहर जाना था और वो मुझसे कहकर गये थे कि में जा रहा हूँ। मेरे जाने के बाद तुम्हारी आंटी घर पर अकेली रहेगी इसलिए प्लीज तुम रात को मेरे घर पर चले जाना और तुम्हारी संगीता के साथ ही मेरे घर पर सो जाना, क्योंकि उनको रात को अकेले रहने में बहुत डर लगता है और में कल तक लौटकर वापस आ जाऊंगा, तब तक तुम अपनी आंटी और घर की रखवाली करना। दोस्तों सच पूछो तो उनके मुहं से यह बात सुनकर मेरे पैरों से जमीन सरक गई थी और मुझे उनके कहे शब्दों और मेरे कानों पर कुछ देर बिल्कुल भी विश्वास ना हुआ, लेकिन जब में होश में आया तो में मन ही मन उस ऊपर वाले को बहुत धन्यवाद देने लगा और में अब बहुत खुश था और अब मेरा मन सेक्स के लिए मचल रहा था। मेरी खुली आखों में मुझे मेरी आंटी के साथ चुदाई नजर आने लगी थी। फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ ठीक है आप बिना किसी चिंता के चले जाए और अपना काम पूरा करके आए। में आपकी पूरी बात को बहुत अच्छी तरह से समझ चुका हूँ और मेरे होते हुए आपको किसी भी तरह की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। अब में उनसे अपनी बात को खत्म करके अपने घर पर आकर आंटी की चुदाई के सपने देखने लगा और रात को खाना खाकर में बहुत खुश होकर अपनी मम्मी को अंकल की पूरी बात बताकर आंटी के घर पर सोने के लिए चला गया। फिर मैंने जाकर देखा तो आंटी उस समय अपने दोनों बच्चो को पड़ा रही थी और आंटी ने मुझे देखकर मुझसे कहा कि तुम अगर सोना चाहो तो सो जाओ। अब मैंने उनसे कहा कि नहीं आंटी आप आपका काम करो, में यहीं बैठ जाता हूँ और अब में अपनी खा जाने वाली नजर से आंटी को घूरने लगा। उन्होंने उस समय सफेद कलर का सलवार कुर्ता पहना था और चूड़ीदार पजामा, में आंटी के एक साइड में थोड़ा सा दूर बैठा हुआ था। वहां से मुझे आंटी की टाइट सलवार से उनकी लाल कलर की पेंटी साफ साफ दिख रही थी और जब वो कुछ लिखने के लिए नीचे झुकती तो मुझे उनके बिना चुन्नी डाले बड़े गले के उस सूट से उनके बाहर की तरफ झूलते हुए बूब्स साफ दिखाई दे रहे थे। वो नजारा बहुत सुखदाई था जिसमे मुझे उनके दोनों बूब्स के बीच की वो दरार भी साफ साफ दिखाई दे रही थी, जिसको देखकर में बिल्कुल पागल हो चुका था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर कुछ देर चली उस पढ़ाई के ख़त्म हो जाने के बाद अब आंटी उठकर सीधी बाथरूम में नहाने चली गई और में उनके बच्चों के पास वहीं पर बैठा हुआ था में उनके साथ मस्ती मजाक कर रहा था और कुछ देर बाद मैंने देखा कि जब आंटी बाथरूम से नहाकर वापस आई तो उन्होंने अब गुलाबी कलर की मेक्सी पहनी हुई थी, वो मेक्सी इतनी जालीदार थी कि उनकी छोटी सी ब्रा में उनके 40 साइज़ बूब्स बहुत बड़े और कमाल के लग रहे थे। उस ब्रा से उनके आधे बूब्स ही ढके हुए थे और बचे हुए गोरे गोरे बूब्स साफ नजर आ रहे थे। में अपनी चकित नजर से देखता रहा। फिर वो कुछ देर वहीं पर रुककर अब सोने के लिए सीधी अपने रूम में चली गई और में वहीं हॉल में सो गया और रात को जब में पानी पीने के लिए उठा तो मैंने आंटी के कमरे में झांककर देखा कि आंटी की मेक्सी उनकी जांघो से हटी हुई थी, जिसकी वजह से में उनके गोरे, चिकने पैरों को वहीं से खड़ा होकर देखता रहा।

तभी अचानक से आंटी उठ गई उन्होंने अपने कपड़े ठीक किए और आंटी ने मुझसे पूछा कि तुम यहाँ पर क्या कर रहे हो? तो मैंने उनसे कहा कि आंटी क्या आप एक मिनट के लिए बाहर आ सकती है? वो पूछने लगी क्यों तुम्हे ऐसी क्या समस्या है? अब मैंने उनसे कहा कि आप प्लीज बाहर तो आए में आपको वो सब बता दूंगा और अब आंटी मेरे कहने पर बाहर आ गई और वो मुझसे पूछने लगी हाँ बताओ तुम्हे मुझसे क्या काम था, मुझे बाहर क्यों बुलाया? तो मैंने कहा कि आंटी आप मुझे बहुत ही अच्छी लगती है, में आपसे बहुत प्यार करता हूँ। यह बात में आपको बहुत दिनों से कहना चाहता था, लेकिन मुझे ऐसा कोई मौका नहीं मिला। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि हाँ ठीक है चल अब जाकर सो जा, मैंने उनसे कहा कि आंटी आपके फिगर जैसा फिगर मैंने कभी नहीं देखा और मैंने इतना कहकर आंटी का एक हाथ पकड़ लिया और आंटी ने हल्का सा जोर लगाकर मुझसे अपना हाथ छुड़ाते हुए कहा यह ग़लत है तू मेरे बेटे की तरह है चल अब जल्दी से छोड़ दे मेरा हाथ। फिर मैंने कहा कि नहीं आंटी में पहले आपको सिर्फ़ एक किस करना चाहता हूँ, तब उन्होंने थोड़ा गुस्से में आकर मुझसे कहा कि नहीं। फिर में उनका वो गुस्सा और जवाब सुनकर बहुत उदास हो गया और अब में तुरंत उनका हाथ छोड़कर चुपचाप अपने पलंग पर जाकर लेट गया और में उनके बारे में सोचता रहा और ना जाने कब में सो गया।

फिर सुबह जब में उठा तब तक उनके बच्चे स्कूल जा चुके थे और अब आंटी मुझसे बात करने के लिए मेरे पास आई और वो मेरा पास मेरे बेड पर आकर बैठ गई, लेकिन मैंने उनसे कोई भी बात नहीं की, में उनसे बहुत नाराज था। तब आंटी ने मुझसे कहा कि देखो में एक शादीशुदा औरत हूँ और मुझे तुम्हारे साथ यह सब काम करना शोभा नहीं देता, प्लीज यह काम बहुत ग़लत है। अगर किसी को पता चला तो हम दोनों की बहुत बदनामी होगी। फिर मैंने उनसे कहा कि आंटी में आपसे सिर्फ़ एक किस ही तो माँग रहा हूँ और वो भी बस हम दोनों के बीच की बात है, यहाँ पर हमारे अवाला कोई भी नहीं है और बाहर किसी को क्या पता चलेगा? तब आंटी ने कहा कि तू मुझे सिर्फ़ किस करेगा और कुछ नहीं, मैंने कहा कि हाँ ठीक है। दोस्तों उस समय आंटी गुलाबी कलर की मेक्सी में थी मैंने उनके नरम गुलाबी होंठो पर किस किया जिसकी वजह से वो मचल गई और मेरे स्पर्श से उनके पूरे बदन में मानो करंट सा दौड़ने लगा। वो एकदम मचल उठी तो मैंने सही मौका देखकर अपने हाथ उनके बूब्स पर रख दिए और फेरना शुरू किया, तभी उन्होंने मेरा हाथ एक हल्का झटका देकर अपनी छाती से दूर हटा दिया। फिर मैंने उनसे कहा कि आंटी आज आप प्लीज मुझे कुछ करने दो, मैंने आज तक किसी को किस तक भी नहीं किया है और वैसे भी में आपके गोरे सेक्सी बदन का पूरी तरह से दीवाना बन चुका हूँ। मुझे इसके अलावा कहीं भी कुछ भी नजर नहीं आता।

दोस्तों में आंटी की बढाई करते हुए उनके बूब्स को दबाता रहा और वो मेरी बातें बहुत ध्यान से सुनती रही और में अपना काम करता रहा। वो मेरी बातों से बहुत आकर्षित होने लगी और सही मौका देखकर अब मैंने बूब्स को दबाना छोड़कर अब उनकी मेक्सी में अपना हाथ डाल दिया और में महसूस करने लगा कि उनके बूब्स आकार में इतने बड़े थे कि मेरे एक हाथ की हथेली में भी वो पूरे नहीं आ रहे थे। फिर मैंने ज्यादा देर ना करते हुए जल्दी से उनकी मेक्सी को उतार दिया और अब वो मेरे सामने सिर्फ़ काली कलर की ब्रा और पेंटी में थी और बहुत सुंदर दिख रही थी। मेरा लंड उनके उस रूप को देखकर अब हल्के हल्के झटके देने लगा था। अब मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और हुक को खोलते ही उनके 40 साइज़ के बूब्स मेरी आखों के सामने आ गये, जिनको देखकर में पागल होकर उन पर टूट पड़ा और अब में उनके एक बूब्स को चूस रहा था तो दूसरे बूब्स की निप्पल को अपने एक हाथ में लेकर ज़ोर लगाकर निचोड़ रहा था, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से जोश में आकर सिसकियाँ लेने लगी और वो अपने एक हाथ से मेरे सर को अपनी छाती पर दबाने लगी और अपने दूसरे हाथ से वो पेंटी के ऊपर से चूत को सहलाने लगी। अब में अपने काम में लगा रहा और इस बीच आंटी ने मेरे पूरे कपड़े खोल दिए जिसकी वजह से मेरा लंड अब उनके सामने फनफना रहा था और फिर में बूब्स को छोड़कर नीचे की तरफ आ गया।

loading...
loading...

अब मैंने तुरंत उनकी गीली पेंटी को उतारकर चूत को आजाद कर दिया, जिसको मैंने कुछ सेकिंड जी भरकर देखा, वो एकदम चिकनी फूली हुई बहुत कामुक नजर आ रही थी और अब मैंने दोनों पैरों को फैलाकर उनकी चूत को चाटना शूरू किया, जिसकी वजह से आंटी को बहुत मज़ा आ रहा था और वो अपने चूतड़ को ऊपर उठाने के साथ साथ मेरा सर अपनी चूत पर दबाने लगी और में कुछ देर चूत को चूसता चाटता रहा वो आह्ह्हह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से चूस आईईइ हाँ खा जा आज तू मेरी इस चूत को इसने मुझे बहुत दिनों से परेशान किया हुआ है, यह मुझे बहुत तड़पाती है, हाँ अपनी पूरी जीभ को अंदर तक डालकर चूस और थोड़ा सा डाल अंदर, वाह तुझे तो बहुत कुछ आता है। फिर उसके कुछ देर बाद मैंने सही मौका देखकर तुरंत अपना लंड आंटी की चूत के मुहं पर रख दिया और एक धक्का देकर लंड को चूत में डाल दिया चूत के बहुत गीली चिकनी होने की वजह से लंड फिसलता हुआ उनकी बच्चेदानी से जा टकराया और उसके बाद में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा। आंटी चिल्ला रही थी आऊऊऊ उम्म्म्ममम प्लीज थोड़ा और ज़ोर से जाने दो पूरा अंदर तक। में उनके कहने पर और ज़ोर से लंड को बाहर निकालकर वापस अंदर डाल रहा था, जिसकी वजह से उनको बहुत मज़ा आ रहा था।

फिर कुछ देर लगातार धक्के देने के बाद एकदम से मेरा वीर्य उनकी चूत में निकल गया और में वैसे ही उनके ऊपर लेटा रहा। में उसके बदन पर अपना हाथ घुमाता रहा। उनके बूब्स को सहलाता मसलता रहा और मैंने उनके चेहरे की तरफ देखा। वो मुझे पूरी तरह से संतुष्ट और मेरी चुदाई से बहुत खुश नजर आ रही थी। फिर कुछ देर बाद में उनके ऊपर से उतर गया ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


sexy Hindi story sex 55sal ke ankal ne basa me soda kahaniकुतों के सांथ बहन को चुदाई कियाanter bhasna com//radiozachet.ru/audio-sex-stories/मम्मी को पेला बेटा ने साथ मे दीदी को सेक्सी कहानीbhabhi ko neend ki goli dekar chodafree sex storyhindi sxiySexy storysexy storishdesi hindi sex kahaniyansex storyindian sexi kahaniyan hindiSex kahani//radiozachet.ru/dost-ki-maa-ko-choda-gajab-tarike-se/दीदी सहेली चुदाई कहानीantarvasna sex storyहिंदी सेक्स स्टोरीsex story in hindisex stori in hindi.sexstori hindisexy story hundiSexy story in hindiwww.tum jse chutyoka sahara hye dosto mp3 song.inप्यासी आंटी को टेल लगायाबहन को दिया सेक्सी ड्रेस गिफ्ट में हिंदी सेक्सी कहानीमोटा लङँ गाङँ मे लिया सेकसी कहानीnakurke sath hindi chudsi kahniyaसेक्सी भाभी कहानीindian hindi sex story comhindi sexy sotorisexy story hindi meमालिश करके बहन की चुदाई का आनन्दsadi main chudai hindi sex kahanifree sex stories in hindiशास दामाद की xexkahaniyaMere ghar mein ladki Mehman Ban Ke Aaya usne Meri muthi Marihindi sex astoriसेक्सी स्टोररीhindi sexy setorysamdhi samdhan ki chudaipatni chalak sax kahanihindi sex ki kahanisexi story hindi mमालिश करके बहन की चुदाई का आनन्दअंधेर मे दूसरे को चोदा गलती सेhendi sexy storeyBathroom me caachi ne mera land ka muthd maara porn sax storys in hindihinde sexey stprojana new hindi sex storysex story in hidiहिंदी सेक्स स्टोरी कॉमsamdhan ki mast moti gaand mari hindi font meinsexy hindi font storiesमुठ मारने वाली गाली दे कहानी//radiozachet.ru/papa sex steri Hindiनई नई हिंदी सेक्स स्टोरीhindi history sexhindi sex astoriमेरी चूतचोदना था किसी और को चोद गई कोई औरपीरियड में चुदवायामाँ की चुदाई नौकर ने कीhindi sexstore.chdakadrani kathaराजाओ कहानीआडिओhinde sax storyमामि को नहाते देखा भाभि बुआHendichutbudagardn opn saxhindi sexy kahaniya newsex story jabardasti nashagaram marwadi babhi sexy kathahindisexy khaniyaमाँ की चूत में लंड डाल भी दे बेटाhidi sexi storychudai karne ka moka mila bus me momsexy story new in hindiसोते हुए कजिन की पैंटी में हाथsex hindi font storyHindi sex kahaniyaकाकी को नंगा करके रंग लगायाsax istorihHindi sex kahanihhindi sexhindi sexstore.chdakadrani kathasexy syory in hindinind ki goli dekar chodahindi font sex kahani